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UDISE, ई-विद्या वाहिनी और पीएम पोषण में दर्ज आंकड़े त्रुटिपूर्ण, गैर शैक्षणिक कर्मी और शिक्षक को मिला टास्क

  • स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव ने जिला शिक्षा अधीक्षक को दिया निर्देश, चलाएं अभियान
  • माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कर्मी  तथा प्रारंभिक विद्यालयों में एक शिक्षक को दिया जाए आंकड़ा संकलन का जिम्मा
Ranchi  : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत चल रही यूडायस (UDISE), ई-विद्या वाहिनी और पीएम पोषण में दर्ज आंकड़े त्रुटिपूर्ण पायी गयी हैं. इसे लेकर विभागीय सचिव के रविकुमार ने नाराजगी जतायी है. उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधीक्षक सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि अभियान चलाकर तीनों ही योजनाओं के लिए सही आंकड़े संकलित कराएं. इसके लिए माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कर्मी तथा प्रारंभिक विद्यालयों में एक शिक्षक को जिम्मा दिया जाए.

क्या हैं यूडायस, ई-विद्या वाहिनी, पीएम पोषण

U-DISE यानी यूडायस का मतलब ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन’ है. यह पूरे देश में स्थित सभी स्कूली डेटा को व्यवस्थित और वर्गीकृत करने में मदद करता है. इस नंबर से लोग किसी भी स्कूल की जानकारी ले सकते हैं. यूडायस कोड 11 अंकों का एक यूनिक नंबर है, जिसमें पहला दो अंक राज्य का प्रतिनिधित्व करता है, आगे के दो अंक जिले को, इसके बाद के 2 अंक ब्लॉक, 3 अंक गांव या शहर एवं अंतिम 2 अंक विद्यालय को बताते हैं. ई-विद्या वाहिनी - एक ऐप है. इससे विद्यालय की सभी क्रियाकलापों की निगरानी ऑनलाइन तरीके से हो सकेगी. पीएम पोषण – स्कूली बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण) की शुरूआत हुई है. योजना के माध्यम से देश के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध करवाया जाता है.

सचिव ने दिया निर्देश

  • गैर शैक्षणिक कर्मी तथा शिक्षक अपने प्रखंड के प्रखंड संसाधन केंद्र के पदाधिकारी व कर्मी से लगातार संपर्क में रहेंगे. ताकि सभी आंकड़ों का संकलन कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो.
  •  प्रखंड स्तर पर प्रखंड मैनेजमेंट इंर्फोमेशन सिस्टम (एमआईएस) को-ऑर्डनेटर ही इन तीनों योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए जवाबदेह होंगे.
  •  सभी को-ऑर्डनेटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर का दायित्व होगा कि वे हर दिन ब्लॉक लॉग इन से विद्यालयवार रिपोर्ट निकालते हुए उसे विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों को सौंपेंगे. संकुल/ प्रखंड साधन सेवी उस रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय में जाकर आंकड़े को पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे.
  • प्रखंड स्तर के सभी कनीय अभियंता एवं जिला स्तर के सहायक अभियंता का काम होगा कि वे जिला के सभी विद्यालयों के आधारभूत संरचना से संबंधित आंकड़ों की जांच करेंगे.
  •  सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रत्येक दिन प्रखंड कर्मियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा करते हुए काम को ससमय पूरा करना सुनिश्चित करेंगे.
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