Hazaribagh : भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक मजबूती देते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक निर्णायक कदम के रूप में सामने आया है. इस महत्वपूर्ण पहल पर भाजपा नेत्री शेफाली गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश में महिला नेतृत्व वाले विकास (Women-led Development) की नई दिशा तय करने वाला परिवर्तन है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोकसभा में 543 सांसदों में से केवल 74 महिलाएं हैं, जो लगभग हर सात में एक है. लेकिन आगामी परिसीमन (delimitation) और 33% आरक्षण लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 816 में से 269 तक पहुंच जाएगी.इसी तरह राज्य विधानसभाओं में आज जहां करीब 390 महिला विधायक हैं, वहीं यह संख्या बढ़कर 2,041 तक पहुंचने का अनुमान है.
शेफाली गुप्ता ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि देश के सबसे प्रभावशाली राज्य में, जहां लोकसभा की 80 सीटें हैं, वहां वर्तमान में केवल 7 महिलाएं सांसद हैं. लेकिन इस कानून के लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच सकती है.
उन्होंने कहा यह बदलाव सिर्फ संख्या बढ़ाने का नहीं है, बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और समावेशी सोच को शामिल करने का है. इससे शासन अधिक जवाबदेह, प्रभावी और जनहितकारी बनेगा.
भाजपा नेत्री ने इसे नए भारत के स्वर्णिम युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ लोकतंत्र को भी और मजबूत करेगा.उन्होंने देश की महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए नेतृत्व की भूमिका में आगे आएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें.
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