Ranchi: झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की महिला उद्यमिता उप समिति की बैठक शनिवार को चैम्बर भवन में आयोजित की गई. बैठक में झारखंड रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल हुए. इस दौरान राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से झारखंड में सिल्क कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया.
बैठक में झारखंड के तसर सिल्क, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को आधार बनाकर संगठित और मूल्य वर्धित औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया. वक्ताओं ने कहा कि इन क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को नीति स्तर पर समर्थन देकर रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है.
जेआरजीए फाउंडेशन की ओर से टेप मॉडल यानी टाई एंड डाई, एक्सेसरीज, प्रिंटिंग और एम्ब्रोइडरी को सिल्क कॉरिडोर के प्रभावी क्रियान्वयन का माध्यम बताया गया. इस मॉडल को झारखंड रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल पॉलिसी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया.
इसके जरिए महिला उद्यमिता, ग्रामीण रोजगार, एमएसएमई इकाइयों और स्थानीय कारीगरों को एक संगठित टेक्सटाइल इकोसिस्टम से जोड़ने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई.
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड में सिल्क, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में व्यापक संभावनाएं हैं. यह क्षेत्र विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बन सकता है.
बैठक में जेआरजीए फाउंडेशन के अध्यक्ष अमिताभ श्रीवास्तव, सचिन उत्तम राय और एडवाइजर सुजीत कुमार ने प्रस्ताव रखते हुए इसके आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की.
चैम्बर के सह सचिव नवजोत अलंग ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से यह पहल झारखंड को टेक्सटाइल और सिल्क आधारित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है.
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव नवजोत अलंग, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, उप समिति चेयरपर्सन आस्था किरण, जेआरजीए के सुजीत कुमार, उत्तम रॉय और श्रवण कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद थे.
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