Hazaribagh : केरेडारी चट्टी बारियातू कोल खनन परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विस्थापित परिवारों का कहना है कि एनटीपीसी पूर्व में बहुत तरह का प्रलोभन गांव के लोगों को दिया, मगर अभी तक किसी भी परिवार को नौकरी तथा पूर्ण रूप से मुआवजा नहीं दिया गया. एनटीपीसी के अधीन कंपनी ऋत्विक के कर्मियों की ओर से बार-बार आकर गांव में आश्वासन दिया जाता है. लेकिन आज तक किसी भी ग्रामीण को नौकरी नहीं दी गई. चंद बिचौलिए जो कंपनी के लिए काम करते हैं तथा बगैर मुआवजा भुगतान के कार्य करवाने का प्रयास कर रहे हैं, उन चंद लोगों को कंपनी की ओर से पैसे दिया जाता है. बाकी ग्रामीणों को एक पैसा भी नहीं दिया गया है और न ही किसी को नौकरी दी गई है. अगर कंपनी उनकी मांगों को समय रहते नहीं मानती है, तो वे लोग बाध्य होकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने पर विवश होंगे. उन लोगों ने बैठक कर एक मांग पत्र बनाया है और उस मांग पत्र को कंपनी को सौंपा है. इसे भी पढ़ें- किशोरी">https://lagatar.in/case-of-getting-a-sit-in-meeting-with-the-teenager-the-main-accused-surrendered-the-attachment-house-rest-accused/">किशोरी
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केरेडारी चट्टी बारियातू के विस्थापितों ने कोल खनन परियोजना के खिलाफ खोला मोर्चा

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