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एक ही झटके में चूर-चूर हो गया अपना घर का सपना

छोटा-मोटा व्यवसाय कर जमीन के लिए जमा किया था पैसा बीवी-बच्चों को भी पहुंचा आघात, बिखर गए ख्वाब, अब किस्मत को कोस रहे सुधीर Gaurav Prakash Hazaribagh : पंचशील में जमीन खरीदनेवाले सुधीर कुमार सिंह का सपना एक ही झटके में चूर-चूर हो गया. वह कहते हैं कि बड़ी मेहनत से पैसा जमा कर सिरसी मौजा में चार कट्ठा जमीन खरीदी थी ताकि अपने और अपने बच्चों के लिए घर बना सकें. लेकिन अब उनकी जमीन पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया और चहारदीवारी तोड़ दी, तो अपना घर का सपना भी चूर-चूर हो गया. घर बनाने के लिए जमीन खरीदी थी, नींव डालने के पहले ही सब खत्म हो गया. चूंकि प्रशासन ने उस जमीन को सरकारी कह ढाह दिया. सुधीर कुमार सिंह कहते हैं कि छोटा-मोटा व्यवसाय कर उन्होंने पैसे जमा किए थे. पति-पत्नी दोनों जमीन पर गए थे. अच्छी साइट होने के कारण पत्नी ने भी जमीन खरीदने के लिए हां कह दी. बच्चों को भी जमीन पसंद आयी थी.

अंचल कार्यालय ने जमीन सही होने की कही थी बात

सुधीर बताते हैं कि उस वक्त पैसा खर्च कर जमीन के बारे में जानकारी इकट्ठा की, तो अंचल कार्यालय ने उस जमीन को सही बताया. साथ ही यह भी बताया कि उसका रसीद भी कट रहा है. ऐसे में पैसे खर्च कर जमीन की खरीदारी की. एक सपना था कि अपना घर हो, जिसमें बाग-बगीचा हो, घर में सब्जी भी उपजाई जाए और सुकून की नींद ले सकें. लेकिन आज अपनी किस्मत को कोस रहे हैं कि वह कौन सी घड़ी थी, जब जमीन खरीदी. पाई-पाई जमा कर लाखों रुपए जमीन के मालिक को दी. अब वह कहते हैं कि उन जैसे व्यक्ति के लिए यह संभव भी नहीं है कि कोर्ट और अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगाएं. जीवन भर की गाढ़ी कमाई भू-माफियाओं के चक्कर में बर्बाद हो गया और अब कोर्ट-कचहरी के लिए पैसे कहां से लाएं. सुधीर कुमार सिंह प्रशासन और सरकार से अपील कर रहे हैं कि जमीन के बारे में फिर से जांच करें और निर्णय लें. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/jjj-2-4.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> इसे भी पढ़ें :दुमका">https://lagatar.in/dumka-uncontrolled-highway-collided-with-car-and-auto-two-died-one-serious/">दुमका

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कोर्ट से ईडी तक जाने की तैयारी में जमीन खरीदार

पंचशील में जिनकी जमीन पर बुलडोजर चला, उनमें से एक मनोज कुमार ने बताया कि चमरू मिश्रा ने नौ एकड़ जमीन अपनी पत्नी सरस्वती देवी के हुकुमनामा से बंदोबस्ती कराई. जमीन उनके पुत्र कमल कांत मिश्रा को मिली और कमल कांत मिश्रा ने संदीप कुमार से जमीन का एकरारनामा कराया. फिर लगभग 200 लोगों को एक कट्ठा से लेकर पांच कट्ठा तक जमीन बेची गई. अब वह अन्य लोगों के साथ कोर्ट की शरण में जाने की मंशा बना रहे हैं. यह भी कहा जा रहा है कि ईडी के पास भी वे लोग अपनी बात रखेंगे. रैयतों ने अपनी बात भाजपा नेता सह जमीन कारोबारी प्रदीप प्रसाद के पास भी रखी है. रैयतों ने कहा कि पूरी जमीन प्रदीप प्रसाद और उनके सहयोगियों ने बेची है.

रैयत हुकुमनामा दिखाएं, होगी फॉरेंसिक जांच, कागजात फर्जी निकलने पर होगी कार्रवाई : सीओ

कटकमदाग सीओ शशि भूषण ने जानकारी दी कि जमीन जंगल-झाड़ प्रकृति की है. नियमानुसार जंगल झाड़ की जमीन की बंदोबस्ती जमींदार भी नहीं कर सकते हैं. बंदोबस्ती हुई है या नहीं यह जांच का विषय है. उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों का दावा है कि उनके पास हुकुमनामा है, वे आकर अपना हुकुमनामा दिखाएं, उसका फॉरेंसिक टेस्ट होगा. अगर उसके बाद कागजात फर्जी निकला, तो उस पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. इसे भी पढ़ें :बिहार">https://lagatar.in/bihar-cabinet-relief-of-50-crores-to-farmers-in-flood-drought-situation/">बिहार

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बाबूलाल मरांडी से आवाज उठाने का आग्रह  

मैंगोमैन के नाम से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता मनोज गुप्ता ने कहा कि बाबूलाल मरांडी काफी जगहों के भूमि घोटाले के मामले को उठाते रहते हैं. जांच की मांग करते रहते हैं. हजारीबाग में इतने बड़े भूमि घोटाले की जांच की मांग भी बाबूलाल मरांडी उठाएं. उनसे आग्रह है कि हजारीबाग के भूमि घोटाले को भी अपनी आवाज में शामिल करें. [wpse_comments_template]

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