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हजारीबाग : ऑब्जेक्शन लगा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ताक पर रखता है डीएसई ऑफिस

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने आरडीडीई को लिखा पत्र, दोषियों पर कार्रवाई की मांग Hazaribagh : हजारीबाग का डीएसई ऑफिस सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी ताक पर रखता है. ऐसे ही एक मामले में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने आरजेडीई को पत्राचार किया है. उसमें कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के डेढ़ से ढाई माह के बाद भी कई शिक्षकों को उनके अर्जित अवकाश की राशि (पावना आदि) का भुगतान नहीं किया गया है. संघ के कार्यकारी अध्यक्ष ने आरजेडीई को ई-मेल के जरिए लिखे पत्र में कहा है कि कोर्ट ने भी आदेश दे रखा है कि सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों या कर्मियों का पेंशन, पावना आदि भुगतान वक्त पर हो जाना चाहिए. लेकिन डीएसई ऑफिस में ऑब्जेक्शन का खेल खेलकर कई सेवानिवृत्त शिक्षकों के अर्जित अवकाश की राशि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं दी गई है. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-100-children-ill-after-eating-secretly-at-bhokta-mela-in-karmatand-there-was-hue-and-cry/">धनबाद

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ऑफिस की लापरवाही के कारण ही सेवानिवृत्त कर्मियों को कभी कोर्ट, तो कभी पेंशन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. हजारीबाग स्थित टाटीझरिया संकुल के कई शिक्षकों का पावना रोक कर रखा गया है. इनमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीझरिया की सेवानिवृत्त शिक्षिका रीता कुमारी, मध्य विद्यालय डुमर के हरिनाथ और कोल्हू मवि के लखन गोप शामिल हैं. शिक्षिका रीता कुमारी और शिक्षक हरिनाथ 31 जनवरी तथा लखन गोप 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो चुके हैं. संघ ने कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही शिक्षकों के अर्जित अवकाश की राशि भुगतान पर संज्ञान लेने का आग्रह भी किया गया है. क्या कहते हैं डीएसई : अर्जित अवकाश की राशि भुगतान के बारे में डीएसई संतोष गुप्ता ने कहा कि जो भी ऑब्जेक्शन होगा, उसे देख लेंगे और उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/e_mail_133.jpg"

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