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हत्या के विचाराधीन कैदी की मौत के पांच साल बाद परिजनों को मिलेगा मुआवजा, राशि स्वीकृत

Ranchi :  गुमला मंडल कारा में बंद हत्या के विचाराधीन कैदी तुलसी उरांव की मौत 14 अप्रैल 2019 हो गयी थी. मौत के पांच साल बाद तुलसी उरांव के परिजनों को मुआवजा मिलेगा.  मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मुआवजा की राशि स्वीकृत कर दी है. तुलसी उरांव की पत्नी बिरसमुनी कुमारी को पांच लाख का मुआवजा दिया जायेगा.

अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में हुई थी मौत

बता दें कि गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र का रहने वाला तुलसी उरांव (26 वर्षीय) हत्या का आरोपी था. घाघरा थाना में उसके खिलाफ कांड संख्या 148/18 दर्ज था. तुलसी उरांव 25 दिसंबर 2018 से मंडल कारा में वार्ड नंबर 4 में बंद था. 12 अप्रैल 2019 की देर रात करीब 12 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गयी. उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. वार्ड के अन्य बंदियों ने इसकी जानकारी सुरक्षा गार्ड को दी. सूचना मिलते ही तुलसी उरांव को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था. [wpse_comments_template]

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