Niraj Sinha
डर इसके ‘परकने’ का है
Last Updated: May 31, 2026 10:53 AM (IST)
पत्रकारों के लिए कुटाई, ठुकाई कहना-लिखना तो वैसे ही अब आम है.मत भूलिये, भारतीय राजनीति में गरिमा, सुचिता, लोकलाज, मूल्य,आलोचना, समालोचना, बहस, सुनने व सहने का लंबा-चौड़ा इतिहास रहा है. भारतीय संसद, भारत गणराज्य का सर्वोच्च विधायी निकाय है. और अभिषेक उसी संसद का एक सदस्य हैं.