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स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर कराई गई प्राथमिकी मूर्खतापूर्ण और कायराना हरकत : सरयू राय

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  • प्रोत्साहन राशि वाली लिस्ट में 14वें नंबर पर है प्राथमिकी दर्ज कराने वाले विजय वर्मा का नाम
Ranchi : ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत उनके खिलाफ दर्ज करायी गयी प्राथमिकी को लेकर विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर कराई गई प्राथमिकी मूर्खतापूर्ण और कायराना हरकत है. सरयू राय ने कहा कि इतने भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने पर भी कभी उनके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है. यह भी कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराने वाले स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी विजय वर्मा का नाम प्रोत्साहन राशि वाली लिस्ट में 14वें नंबर पर है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/pdd1.jpg"

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भ्रष्टाचार करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं मंत्री

सरयू राय ने कहा कि मंत्री के आदेश पर विभाग के अवर सचिव विजय वर्मा द्वारा दर्ज करायी गयी यह प्राथमिकी एक मूर्खतापूर्ण व कायराना हरकत है और विभागीय मंत्री के भ्रष्ट आचरण की विभाग द्वारा स्वीकृति है. उन्हें भ्रष्ट आचरण करने से परहेज नहीं है और भ्रष्ट आचरण करना वे अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं. उनके भ्रष्ट आचरण का प्रमाण कोई संचिका से बाहर निकाल दे, तो यह उनकी नजर में गलत है.

किसी ने ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की नहीं की हिम्मत

सरयू राय ने कहा कि 1982 में जनता पार्टी के बिहार प्रदेश के महामंत्री के नाते उन्होंने केंद्र सरकार के खुफिया विभाग द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र के मंत्रियों के बारे में तैयार किये गये कागजात को  सार्वजनिक किया था. उसके बाद बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दुबे की सरकार में गलत दस्तावेजों के आधार पर नाबार्ड से 350 करोड़ रुपये अग्रिम लेने के कागजात को 1986 में सार्वजनिक किया था. 1987 में बिहार सहकारिता के बेताज बादशाह कहे जाने वाले स्व. तपेश्वर सिंह की अध्यक्षता वाले बिस्कोमान द्वारा बड़े पैमाने पर नकली खाद खरीदने की पुष्टि करने वाले दस्तावेजों को उजागर किया था. इन तीनों मामलों में दोषियों पर कार्रवाई हुई. परंतु किसी ने आफिशियल सीक्रेट एक्ट के आधार पर मेरे विरूद्ध कारवाई करने की हिम्मत नहीं किया.

मधु कोड़ा ने एसटी एक्ट के तहत दर्ज कराई थी प्राथमिकी, लेकिन नहीं चल सकी

सरयू राय ने कहा कि 2006 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया था, तब उन्होंने ‘अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम’ के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जो चल नहीं सकी. अब स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने प्राथमिकी करवायी है. ऐसा कर वे मान रहे हैं कि मेरे द्वारा प्रसारित किये गये उनके भ्रष्टाचार के कागजात सही हैं.

स्वास्थ्य विभाग की फाइल के चार पन्नों को फिर किया सार्वजनिक

सरयू राय ने फिर स्वास्थ्य विभाग की फाइल के चार पन्नों को सार्वजनिक किया है. कहा है कि सूची से स्पष्ट है कि जिस अधिकारी विजय वर्मा ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, उनका नाम लिस्ट में 14वें नंबर पर दर्ज है. इस सूची से स्पष्ट है कि न केवल स्वास्थ्य मंत्री बल्कि विभाग के सचिव सहित कई अधिकारियों को भी प्रोत्साहन राशि देने का आदेश संचिका में दिया गया है. इसे भी पढ़ें – बीजेपी">https://lagatar.in/bjp-sc-morcha-state-executive-meeting-strategy-to-surround-the-government-on-the-issue-of-dalits/">बीजेपी

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