सूर्य की बिंब का 64 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा से अवरुद्ध हो जाएगा
सूर्य ग्रहण को वैदिक ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, ये ग्रहण वैशाख मास की अमावस्या तिथि को घटित होगा. नासा के अनुसार, 30 अप्रैल के ग्रहण के दौरान, सूर्य की बिंब का 64 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा से अवरुद्ध हो जाएगा. साल का दूसरा सूर्यग्रहण 25 अक्टूबर, 2022 को लगेगा.भारत में इस ग्रहण का धार्मिक प्रभाव नहीं
ये सूर्यग्रहण अंटार्कटिका के अतिरिक्त अटलांटिक क्षेत्र, प्रशांत महासागर और दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी पश्चिमी भागों में दिखाई देगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. इसलिए भारत में इस ग्रहण का धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा. पूजा-पाठ में किसी भी तरह की पाबंदियां नहीं मानी जाएंगी.सूतक काल मान्य नहीं
सूतक काल सूर्यग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले से लग जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. भारत में ना दिखाई देने की वजह से इस सूर्यग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा.आंशिक सूर्य ग्रहण क्या है
नासा के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और पृथ्वी पर छाया डालता है. इस अवस्था में वो सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेता है. आंशिक ग्रहण के दौरान, चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता है. इसकी वजह से सूर्य अर्धचंद्राकार आकार में नजर आता है. आंशिक ग्रहण होने की वजह से चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक पूर्ण सीधी रेखा में नहीं होंगे. चंद्रमा अपनी छाया का केवल बाहरी भाग ही सूर्य पर डालेगा, इसे उपछाया भी कहा जाता है. इसे भी पढ़ें – गोवा">https://lagatar.in/hockey-jharkhand-team-leaves-from-simdega-to-participate-in-national-sub-junior-mens-hockey-tournament-in-goa/">गोवामें राष्ट्रीय सब जूनियर पुरुष हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए झारखंड की टीम सिमडेगा से रवाना [wpse_comments_template]

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