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कोडरमा के झूमरी तिलैया में धड़ल्ले से चालू है भ्रूण जांच का खेल

Arun Burnwal

Koderma :  जिले के मुख्य शहर झुमरी तिलैया में कई अल्ट्रासाउंड  क्लीनिक ऐसे हैं जो आज भी धड़ल्ले से भ्रूण जांच का खेल अब भी चल रहा है.आपको बता दें कि पिछले दिनों एसडीओ मनीष कुमार के द्वारा छापामारी कर कई अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को सील किया गया था. उनका कहना था कि नियम को ताक पर रख कर अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को चलाया जा रहा था,इसलिए उन अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को सील किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर कई क्लीनिक ऐसे हैं जो भ्रूण जांच कराने में माहिर हैं. देखें वीडियो- https://www.youtube.com/watch?v=IGol-LhAWtg

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में फंसे झारखंडियों की सूची CM हेमंत ने गृह मंत्रालय को दी, शाह से अपील- वापसी सुनिश्चित का अधिकारी को दें निर्देश गौर तलब है कि सरकारी महकमे के डर से अल्ट्रासाउंड क्लीनिक के संचालकों द्वारा अलग-अलग जगहों पर भ्रूण जांच कराया जाता है. इसके लिए एक गाड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. जिसमें अल्ट्रासाउंड की मशीनें रखी हुई होती है. इनमें 2 नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है पहला नाम पटना से आने वाले बिंदु सिंह उर्फ पांडे जी हैं. वहीं दूसरा नाम केटीपीएस पावर प्लांट के निकट खैरोबर के रहने वाले पवन कुमार हैं, जो अल्ट्रासाउंड करवाते हैं. इस कार्य में बिचौलियों के नाम भी शामिल हैं. उन बिचौलियों में सुनीता कुमारी,कालू जैन एवं नीरज कुमार का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. आपको बता दें कि जहां एक और गर्भवती महिला की बेहतर स्थिति को जानने को लेकर अल्ट्रासाउंड कराने का रेट 600 से 800 रुपये  लिया जाता है तो वहीं दूसरी ओर भ्रूण जांच कराने को लेकर 3000 से 5000 की राशि तय की जाती है. इसे भी पढ़ें-बुंडू">https://lagatar.in/bundu-notorious-criminals-who-came-to-demand-extortion-arrested-with-weapons/">बुंडू

: रंगदारी मांगने आया कुख्यात अपराधकर्मी हथियार के साथ गिरफ्तार जिसके बाद मरीजों को चलता - फिरता जगह पर ले जाकर भ्रूण जांच कराया जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि भ्रूण जांच के दौरान किसी भी तरह से उन्हें पकड़ा नहीं जा सके. आप यह भी कह सकते हैं कि इस तरह से इन लोगों के द्वारा प्रशासन की आंख में धूल झोंककर भ्रूण जांच कराया जाता है.एक तरफ सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लेकर अभियान चलाया जाता है तो दूसरी ओर उनके नाक के नीचे ही भ्रूण जांच का खेल जबरदस्त तरीके से चलाया जा रहा है. प्रशासन की ओर से भी खानापूर्ति को लेकर इक्का-दुक्का क्लीनिक पर छापामारी कर कोरम पूरा कर लिया जाता है. [wpse_comments_template]

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