Ranchi: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक रविवार को तुपकाडीह में केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो के आवास में हुई. मुख्य अतिथि के रुप में शामिल मोर्चा के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए स्वयं आवाज बनना होगा. हमारा इतिहास संघर्षों का रहा है, इसलिए अपने पहचान व सम्मान के लिए संघर्ष के बल पर नई इबारत लिखना है. झारखंड आंदोलनकारी कोई मामूली नागरिक नहीं हैं. इस राज्य को संघर्ष एवं शहादत देकर बनाने वाले प्रमुख लोगों में एक है. कहा कि राज्य सरकार झारखंड आंदोलनकारी को राजकीय मान सम्मान अलग पहचान रोजी रोजगार नियोजन की सौ फीसदी गारंटी, जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करते हुए राज्य गठन की तिथि से सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रुपये सरकार देने का काम करे. आंदोलनकारियों को भी सम्मान के साथ जीने का अधिकार है. मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य गठन के मूल्य अभी अधूरे हैं. शहीदों के सपनों को मंजिल तक पहुंचाना है. विदेशी ने कहा कि 18 दिसंबर को झारखंड आंदोलन के अमर पुरोधा विनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि एवं 25 दिसंबर को शहीद निर्मल महतो की जयंती तथा 1 जनवरी 2025 को खरसावां गोलीकांड के शहीदों को नमन व श्रदांजलि कार्यक्रम लोहिया आश्रम तुपकाडीह में मनाई जाएगी. 3 जनवरी 2025 को मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती को झारखंड आंदोलनकारी दिवस के रूप में जिला स्तर पर भव्यता के साथ मनाया जायेगा. मौके पर ठाकुर राम महतो, संतोष कुमार महतो, फकीरा हेमंत साहू, जगन महतो, सहदेव महतो, धनंजय महतो, अर्जुन महतो, शुकर राम महतो, पदूम महतो व पानू लाल गोसाई मौजूद थे. इसे भी पढ़ें - योगी">https://lagatar.in/yogi-attacked-the-opposition-on-sambhal-issue-did-the-ancient-temple-and-the-statue-of-bajrang-bali-come-overnight/">योगी
ने संभल मुद्दे पर विपक्ष पर हल्ला बोला, प्राचीन मंदिर और बजरंग बली की मूर्ति रातों-रात आ गयी क्या? [wpse_comments_template]
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