Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड में राजनेताओं को सूचना आयुक्त बनाने की पृष्ठभूमि पहले से तैयार थी

झारखंड सरकार ने तीन राजनेताओं के नाम सूचना आयुक्त के लिए राज्यपाल को भेजा था.

Ranchi: झारखंड में राजनेताओं को सूचना आयुक्त के पद नियुक्त करने की पृष्ठभूमि पहले से तैयार कर ली गयी थी. इसके लिए सरकार की ओर से सूचना अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की नयी व्याख्या कर राजनीतिज्ञों, विधायकों, सांसदों और लाभ के पद पर कार्यरत लोगों को आवेदन करने का मौका दिया गया था. जबकि दूसरे राज्यों ने इन लोगों के आवेदन देने पर ही प्रतिबंध लगा दिया था.

 

सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अध्याय तीन में केंद्रीय सूचना आयोग के गठन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है. अध्याय तीन की धारा 12(6) में उन व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है जिन्हें मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्तों के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है. 

 

इसमें कहा गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त किसी संसद का सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के विधान मंडल का सदस्य नहीं होगा. वह काम लाभ का पद धारित नहीं करेगा या किसी राजनीतिक दल से संबंद्ध नहीं होगा अथवा कोई कारोबार नहीं करेगा.

 

सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अध्याय चार में राज्य सूचना आयोग के गठन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है. अधिनियम की धारा 15(6) में उन व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है जिन्हें सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता है. धारा 15(6) में उन्हीं बातों को उल्लेख किया गया है जिसका उल्लेख धारा 12(6) में है.

 

लेकिन झारखंड सरकार ने सूचना आयुक्तों के पद नियुक्ति के लिए निकाले गये विज्ञापन में धारा 12(6) और धारा 15(6) में वर्णित शर्तों की एक नयी व्याख्या की. इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया. इसमें यह लिखा गया कि संसद का सदस्य या विधान मंडल का सदस्य या अन्य लाभ के पद पर कार्यरत या किसी राजनीतिक दल, कारोबार से संबद्ध व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं. लेकिन उन्हें सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त होने के बाद उक्त लाभ का पद या व्यापार छोड़ना होगा.

 

लेकिन दूसरे राज्यों ने मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन में सांसदों, विधायकों, राजनीतिज्ञों द्वारा आवेदन करने पर ही पाबंदी लगा रखी थी. हिमाचल प्रदेश ने मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया था. इसमें कहा गया था कि इसमें वैसे लोग आवेदन कर सकते हैं जो भारत के नागरिक हों. जीवन में प्रतिष्ठित व्यक्ति हों, जिन्हें विधि, विज्ञान, प्रावैद्यिकी, पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव हो. लेकिन संसद, विधान मंडल के सदस्य नहीं हो, किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हों.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही