Search

धनबाद शहर की हृदयस्थली बैंकमोड़ बना हुआ है वाहनों का पड़ाव स्थल

पार्किंग विहीन कॉम्प्लेक्स के आगे सड़क पर हर दिन लगता है जाम

Dhanbad : धनबाद की हृदय स्थली कहे जानेवाले बैंकमोड़ की सड़क इन दिनों वाहनों का पड़ाव स्थल बन कर रह गई है. बैंक मोड़ को पार्किंग विहीन बनाने में किसका हाथ है अथवा कौन इस असुविधाजनक स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, यह शोध का विषय हो सकता है. मगर धरातल पर जो कारण दिखाई पड़ते हैं, वह है पार्किंग स्थल के बगैर दर्जनों कॉमर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण.

    रेंगती रहती हैं गाडियां, सहमे रहते हैं राहगीर

हालत यह है कि बैंक मोड़ आने वाले ग्राहकों को कांप्लेक्स के बाहर सड़कों पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं. नतीजा राहगीरों को जाम के रूप में भुगतना पड़ रहा है. शहर की व्यस्ततम जगहों में शामिल सरायढेला, स्टील गेट और बिग बाजार की भी यही हालत है. हर रोज जाम की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की कतार रेंगती नजर आती है, जबकि पैदल चलनेवाले लोग किसी हादसे की आशंका से सहमे नजर आते हैं.

    कुछ गिने-चुने कॉम्प्लेक्स में ही पार्किंग की व्यवस्था

[caption id="attachment_671664" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/four-wheeler-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> बैंकमोड़ में सड़कों पर पार्क कार[/caption] व्यवसायियों का कहना है कि बैंकमोड़ में छोटे-बड़े लगभग 4 दर्जन कॉमर्शियल काम्प्लेक्स हैं. परंतु कुछ गिने-चुने कॉम्प्लेक्स में ही पार्किंग की व्यवस्था है. अधिकतर कॉमर्शियल काम्पलेक्स अपने बेसमेंट का भी व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ वर्ष पूर्व झारखंड उच्च न्यायालय ने रांची के कई ऐसे भवनों को सिर्फ इसलिए सील करा दिया, क्योंकि उनमें पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी. धनबाद में फिलहाल ऐसी कोई संभावना नजर नहीं आती.

 न अतिक्रमण रुका, न यातायात की व्यवस्था सुधरी

शहर में पार्किंग की व्यवस्था सुदृढ़ करने और अतिक्रमण हटाने की मंशा से सड़क चौड़ीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किये गए. परंतु न अतिक्रमण रुका और न ही यातायात की व्यवस्था में कोई सुधार नजर आया. संडे हो या मंडे, हर दिन लोग जाम में फंसते रहे हैं. जाम लमें फंसने के भय से लोग अब बैंकमोड़ तक जाने से भी कतराने लगे हैं. ऑफिस और स्कूल की छुट्टी के समय तो बैंकमोड़, गयापुल, श्रमिक चौक, स्टील गेट, बरटांड़ तथा हीरापुर में स्थिति और विकराल हो जाती है.

 नगर निगम चाहे तो मिल सकती है राहत

बैंकमोड़ चैम्बर के अध्यक्ष प्रमोद गोयल का कहना है कि नगर निगम से लगातार बातचीत हो रही है. अधिकारियों ने आश्वस्त भी किया है कि नगर निगम की ओर से निर्मित कॉम्प्लेक्स में दूसरे तल तक पार्किंग की व्यवस्था होगी.  उन्होंने बताया कि निगम ने सचमुच ऐसी पहल की तो बड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि शहर में निगम के कई स्थलों पर अवैध कब्जा है. निगम चाहे तो अवैध कब्जा से मुक्त करा कर उस भूमि को पार्किंग स्थल के रूप में विकसित कर सकता है. इससे लोगों को राहत नसीब होगी, जबकि नगर निगम को राजस्व की प्राप्ति. हालांकि इस मामले पर नगर आयुक्त सतेंद्र कुमार से संपर्क साधने की कोशिश बेकार गई. बार बार की कोशिशों के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp