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हाईकोर्ट ने पूछा, पलामू प्रमंडल में जंगल काटे जाने की CID जांच कहां तक पहुंची

Ranchi: कोरोना काल के पहले चरण में पलामू प्रमंडल के जंगलों को वन अधिकारियों द्वारा काटे जाने के खिलाफ सीआईडी जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि प्रार्थी के आवेदन पर राज्य सरकार ने सीआईडी जांच की अनुशंसा की थी उस पर जांच कहां तक पहुंची है. कोरोना काल में ट्विटर एवं अन्य रिप्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार को जानकारी दी गई थी कि वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा ही हजारों पेड़ काटे गए हैं, और उसकी खरीद फरोख्त हुई है. इसे पढ़ें-अटलांटिक">https://lagatar.in/the-search-for-the-submarine-that-went-to-see-the-wreckage-of-titanic-in-the-atlantic-ocean-continues-oxygen-is-about-to-end/">अटलांटिक

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शुरुआती जांच में इसकी पुष्टि भी हुई थी. इसमें सौ ट्रक कटी हुई लकड़ियां भी जब्त की गई थीं, बाद में राज्य सरकार ने सीआईडी जांच की अनुशंसा की थी लेकिन जांच ठंडे बस्ती में चली गई और अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में हाईकोर्ट ने पूछा है कि उन अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, और जांच कहां तक पहुंची है. झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र और जस्टिस आनंद सेन की खण्डपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की. अब अदालत 4 सप्ताह बाद कमलेश सिंह की याचिका पर सुनवाई करेगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा. राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद ने बहस की. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-bar-association-general-secretary-jitendra-kumars-father-cremated/">धनबाद

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