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खुद चीफ जस्टिस ने खड़े किये थे सवाल
मालूम हो कि खुद मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ रवि रंजन ने ऐसे संवेदनशील स्थानों के पास किए जा रहे निर्माण पर चिंता जाहिर की थी. उन्होंने जानना चाहा था कि संवेदनशील स्थानों के करीब किये जा रहे निर्माणों को लेकर सरकार की क्या नीति है. संवेदनशील स्थानों से सटे निर्माणों की अनुमति देने और अस्वीकार करने के बारे सरकार की क्या नीति है. इसे भी पढ़ें- मॉनसून">https://lagatar.in/bjp-will-be-aggressive-from-the-very-first-day-of-monsoon-session-there-will-be-demand-for-resignation-from-cm/">मॉनसूनसत्र के पहले ही दिन से आक्रामक रहेगी भाजपा, सीएम से इस्तीफा देने की होगी मांग
चीफ जस्टिस आवास के नजदीक 100 करोड़ की लागत से बन रही है बहुमंजिली इमारत
चीफ जस्टिस आवास के नजदीक क्लाउड 9 नाम की जी 20 बहुमंजिली इमारत का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य कोलकाता की कंपनी एडोनिस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है. इस कंपनी के निदेशक मंडल में रंजीत कुमार सिंह, अरुण राय, गौतम चटर्जी और सुमन देबसरकार हैं. इस बहुमंजिली इमारत की परियोजना लागत 100 करोड़ के करीब बताई जा रही है. इसे भी पढ़ें- अविनाश">https://lagatar.in/in-charge-avinash-pandey-sought-cross-voting-report-from-the-state-leadership-will-submit-to-sonia-gandhi/">अविनाशपांडेय ने कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व से मांगी क्रॉस वोटिंग की रिपोर्ट, सोनिया गांधी को सौंपेंगे
सुरक्षा और गोपनीयता को खतरा
चीफ जस्टिस के आवास के बगल में किए जा रहे निर्माण को लेकर चीफ जस्टिस की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. क्लाउड 9 के नाम से निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत से मुख्य न्यायाधीश के आवासीय परिसर को आसानी से देखा जा सकता है. निर्माणाधीन भवन के करीब ही विधानसभा अध्यक्ष का आवास व मुख्यमंत्री आवास भी हैं.भावन निर्माण को लेकर उठ रहे सवाल
झारखंड हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट राजीव रंजन ने लगातार न्यूज से बातचीत में कहा कि कांके रोड काफी संवेदनशील इलाका है. इस पथ पर मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा अध्यक्ष के आवास, पुलिस महानिरीक्षक और मुख्य न्यायाधीश के आवास मौजूद हैं. इसके नजदीक हो रहे बहुमंजिली इमारतों का निर्माण गंभीर सुरक्षा चूक को आमंत्रित करता है. मुख्य न्यायाधीश के आवास के बगल में क्लाउड 9 बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है. इस बहुमंजिली इमारत के निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत करना शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालने के समान है. क्लाउड 9 बिल्डिंग मुख्य न्यायाधीश के आवास के लिए भी खतरा बन रहा है.विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी- नगर आयुक्त शशि रंजन
आरएमसी के नगर आयुक्त शशि रंजन से इस संबध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले की हमें जानकारी नहीं है. पूरे मामले को देखकर मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. वहीं आरएमसी के अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सुरक्षा वाले क्षेत्र में किसी भवन निर्माण योजना को स्वीकृत और स्वीकृति के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं है. इसे भी पढ़ें- शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-impact-governor-met-the-victim-woman-directed-the-investigation-to-hazaribagh-dc/">शुभमसंदेश इंपैक्ट : पीड़ित महिला से मिले राज्यपाल, हजारीबाग डीसी को दिया जांच का निर्देश [wpse_comments_template]

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