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alt="" width="272" height="181" /> भाजपा के हजारीबाग विधायक प्रदीप यादव ने हजारीबाग में परीक्षा रद्द करने को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को सरकार की विफलता बताया.
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alt="" width="272" height="181" /> इस मामले में बीजेपी विधायक नीरा यादव ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे. शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर लोगों का अधिकार है, छात्रों के साथ गलत हुआ है. विवाद में अगर कुछ है तो इसपर जांच निश्चित रूप से होनी चाहिए.
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alt="" width="272" height="181" /> जेएलकेएम पार्टी से विधायक जयराम महतो ने कहा कि छात्र आक्रोशित है, वह धरने पर बैठेंगे ही. उन्होंने कहा कि सदन में सीजीएल का मुद्दा उठाते हुए सरकार को पहले ही एक प्रतिनिधिमंडल को छात्रों के पास भेजने का अनुरोध किया था. लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया. इसी का परिणाम है कि जो छात्र परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वो सड़कों पर पीटे और घसीटे जा रहे हैं.
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alt="" width="272" height="181" />सत्ता पक्ष की ओर से प्रदीप यादव ने कहा कि तथ्य सामने आयेंगे तो सरकार कहां पीछे हटती है जांच से. खामखा चीजों को बाधित करना और कोर्ट में घसीटना विपक्ष की पुरानी आदत हो गयी है. बहाली में किस तरह से बाधा पहुंचाये या सरकार को कहें कि यह बहाली नाकाम रही, यही विपक्ष का काम रह गया है.
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alt="" width="272" height="181" /> कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह (अनूप) ने कहा कि विपक्ष क्या कहती है, इससे फर्क नहीं पड़ता. जनता क्या कहती है, उससे फर्क पड़ता है. अगर जनता कह रही है तो आने वाले समय में मुख्यमंत्री ठोस कदम उठायेंगे. आने वाले समय में हमें यह भी देखना है कि बिना किसी आधार के कार्रवाई ना करें. पिछली बार भी देखा गया कि जेपीएससी के अध्यक्ष पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ और उन्होंने खुद से पद से इस्तीफा दे दिया. अधिकारियों की मॉरल को डाउन नहीं करें. क्योंकि अधिकारियों से ही हमें काम लेना है. आने वाले समय में सरकार जांच करेगी. रह गयी सीबीआई जांच की तो हमारी राजकीय एजेंसी इतनी सक्षम है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा.
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