alt="" width="300" height="225" /> Jamshedpur: जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने सोमवार को विधानसभा में जमशेदपुर की तीन ज्वलंत समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. जिसमें 86 बस्ती का मालिकाना हक, मोहरदा पेयजलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन और निगम का मामला शामिल है.
ऊर्जा पर सबसे अधिक 588 करोड़ का प्रावधान फिर भी छह घंटे कट रही बिजली
अनुपूरक बजट पर भाषण के दौरान राय ने कहा कि बजट में सरकार ने ऊर्जा पर सबसे अधिक 588 करोड़ का प्रावधान किया है, जबकि हर दिन छह घंटा बिजली कट रही है. इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 518 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 444 करोड़ केंद्र का अंशदान है. इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति बहुत ही खराब है. इसी तरह नगर विकास में केवल 19 करोड़ रुपया ही दिया गया है. जबकि जमशेदपुर शहर में मोहरदा पेयजल आपूर्ति और आसपास के इलाक़ों में भी पेयजलापूर्ति के लिए काफ़ी धन की ज़रूरत है.पिछली भाजपा सरकार पर किया प्रहार, लीज का झुनझुना बस्तीवासियों ने नहीं स्वीकारा
श्री राय ने 86 बस्ती के मालिकाना हक की चर्चा करते हुए कहा कि 2005 में टाटा स्टील ने 1700 एकड़ जमीन को लीज क्षेत्र से इसलिए बाहर कर दिया था, क्योंकि उक्त भूमि पर 86 बस्तियां बसी हुई थी.उन बस्तियों को मालिकाना दिया जाना था तब से यह मामला लटका हुआ है. पिछली भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि उस समय सरकार ने मालिकाना की जगह लीज का झुनझुना थमा दिया जिसे बस्तीवासियों ने स्वीकार नहीं किया. वर्तमान सरकार भी आश्वासन के बावजूद विलंब कर रही है. उन्होंने मालिकाना देने का फ़ायदा बताया और कहा कि सरकार जल्द से जल्द यहां के घरों का होल्डिंग नम्बर दे.जमशेदपुर में नगर निगम बनाम औद्योगिक नगर का विवाद खत्म करने की मांग की
जमशेदपुर में नगर निगम बनाम औद्योगिक नगर का विवाद जल्द खत्म करने की मांग की. इसके चलते लोगों को उनका वाजिब हक नहीं मिल पा रहा है. कहा कि देश में जमशेदपुर ही एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर नगरपालिका के नाम पर असंवैधानिक जेएनएसी चल रहा है. उन्होंने सरकार से जमशेदपुर की उपरोक्त तीन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की. [wpse_comments_template]
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