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हिंदुओं को एकजुट करने निकले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा दूसरे दिन जारी

मंदिरों और मस्जिदों में भराष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए.  इससे यह पता चलेगा कि इस मातृभूमि से किसे प्रेम है और कौन नफरत करता है,  इससे देश द्रोहियों और देश प्रेमियों का पता चल जायेगा. Chhatarpur : हिंदुओं के बीच मौजूद जातिगत भेदभाव, छुआछूत, अगड़े-पिछड़े का फर्क मिटाने का संकल्प लिये बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 9 दिवसीय पदयात्रा आज दूसरे दिन जारी रही. पदयात्रा कदारी से प्रारंभ हुई, जो गठेवरा पहुंचेगी. जहां पदयात्रियों को दोपहर भोजन कराया जायेगा. इसके बाद यह पदयात्रा आगे बढ़ती हुई रूद्राक्ष होटल से छतरपुर  शहर में प्रवेश करेगी. जान लें कि पदयात्रा पहले दिन 21नवंबर, गुरुवार सुबह 8 बजे बागेश्वर धाम बालाजी मंदिर से शुरू हुई थी. मंदिर दर्शन के बाद राष्ट्रध्वज व भगवा ध्वज फहराकर यात्रा प्रारंभ की गयी. पदयात्रा पहले दिन ग्राम गढ़ा तिराहा से होते हुए लगभग 20 किमी दूर ग्राम कदारी पहुंची.

यात्रा में शामिल होने विदेश से भी अनेक सनातनी लोग आ रहे हैं

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से कहा कि देश भर का हिंदू जाग रहा है और समाज के भीतर मौजूद जाति भेदभाव को खत्म कर एकजुट होकर भारत के विकास के लिए आगे आ रहा है. कहा कि यात्रा में शामिल होने विदेश से भी अनेक सनातनी लोग आ रहे हैं. लगभग 20 हजार लोगों ने यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन कराया हैं . पदयात्रा के दौरान बागेश्वर बाबा ने कहा कि मंदिरों और मस्जिदों में भी राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि इससे यह पता चलेगा कि इस मातृभूमि से किसे प्रेम है और कौन नफरत करता है,  इससे देश द्रोहियों और देश प्रेमियों का पता चल जायेगा.

 कुमार विश्वास, अक्षरा सिंह होंगे शामिल

हिन्दू एकता पदयात्रा 23 नवंबर को मऊसहानियां के महाराजा छत्रसाल शौर्यपीठ पर महाराजा छत्रसाल को प्रणाम करने पहुंचेगी.  दोपहर बाद नौगांव पहुंचेगी. नौगांव के शांति कॉलेज में रात्रि विश्राम होगा. यहांअखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा. जिसमें देश के अनेक राष्ट्रवादी कवियों सहित कुमार विश्वास और भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह भी शामिल होंगे.

यात्रा 29 नवंबर को ओरछा के रामराजा मंदिर पहुंचेगी

जानकारी के अनुसार बागेश्वर महाराज की यात्रा, जो 21 नवंबर को बालाजी मंदिर बागेश्वर धाम से प्रारंभ हुई है, वह छतरपुर, नौगांव, निवाड़ी, मऊरानीपुर होते हुए 29 नवंबर को ओरछा के रामराजा मंदिर पहुंचेगी. बागेश्वर धाम समिति की ओर से संत सम्मेलन के प्रभारी रोहित रिछारिया के अनुसार 21 नवंबर को यात्रा के शुभारंभ अवसर पर देश के जाने-माने संत गोपालमणि, कथाव्यास संजीवकृष्ण ठाकुर, इंद्रेश उपाध्याय, हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास महाराज एवं सुदामा कुटी वृंदावन के महंत उपस्थित रहे.

यात्रा में मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास, जगतगुरु राघवाचार्य शामिल होंगे

यात्रा में मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास, जगतगुरू राघवाचार्य, देश के जाने-माने कथाव्यास अनिरूद्धाचार्य, कृष्णचन्द्र ठाकुर, मृदुलकांत, कुंज से किशोरदास महाराज, भिंड से दंदरूआ सरकार, महाराष्ट्र से गोविंददेव गिरि, वृंदावन से पुण्डरीक गोस्वामी, तुलसी पीठाधीश्वर के उत्तराधिकारी रामचन्द्रदास, सतुआ बाबा प्रयागराज, दीनबंधु दास, बल्लभाचार्य, मनोज मोहन, तुलसीवन से कौशिक महाराज, ऋषिकेश से चिदानंद मुनि, गोरेलाल जैसे शीर्ष कोटि के संत उपस्थित रहेंगे.

चप्पे-चप्पे पर पुलिस, चार स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की यात्रा में मप्र सरकार और उप्र सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किये हैं. छतरपुर एसपी अगम जैन के अनुसार यात्रा की सुरक्षा के लिए भोपाल पुलिस मुख्यालय व सागर पुलिस मुख्यालय से 600 पुलिस जवान भेजे गये हैं. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर 160 किमी तक की पदयात्रा में उनकी सुरक्षा को लेकर भी चार स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है.  

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