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केरल की वामपंथी सरकार ने राज्यपाल की शक्तियां कम कर दी, गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान से ठनी

Thiruvanthapuram : केरल की पी विजयन सरकार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की शक्तियां कम कर दी हैं. खबरों के अनुसार इस संबंध में विधानसभा की विचार समिति ने लोकायुक्त संशोधन विधेयक को पारित कर दिया है. संशोधन के तहत मुख्यमंत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत होने पर राज्यपाल के पास फैसला लेने का अधिकार नहीं होगा. यह अधिकार अब विधानसभा के हवाले कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें ; मुकेश">https://lagatar.in/mukesh-ambani-bought-the-most-expensive-house-in-dubai-knowing-the-price-will-blow-his-senses/">मुकेश

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 मंत्रियों के खिलाफ रिपोर्ट आने पर मुख्यमंत्री फैसला लेंगे.

मंत्रियों के खिलाफ रिपोर्ट आने पर मुख्यमंत्री फैसला लेंगे. विधायकों की बात करें तो उनके खिलाफ शिकायत आने पर फैसला विधानसभा अध्यक्ष करेंगे. कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई से बचने के लिए सरकार ने राज्यपाल की शक्तियां घटा कर दी हैं. लेकिन जनसेवक के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत होने पर अपीलीय अधिकारी कौन होगा, इसका फैसला नहीं हुआ है. इसे भी पढ़ें ; BREAKING">https://lagatar.in/breaking-mlas-reached-cm-residence-with-luggage-discussion-on-taking-them-to-chhattisgarh-is-in-full-swing/">BREAKING

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संशोधन विधेयक पर 29 अगस्त को विधानसभा में चर्चा होगी   

जानकारी के अनुसार संशोधन विधेयक पर 29 अगस्त को विधानसभा में चर्चा होगी. राज्यपाल की शक्तियां कम करने का फैसला ऐसे समय में किया गया है, जब खुद मुख्यमंत्री विजयन खुद राज्य के फंड के दुरुपयोग के आरोप से घिरे हुए हैं. जान लें कि उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू के खिलाफ आरोपों के अलावा लोकायुक्त के समक्ष सरकारी अनियमितताओं को लेकर भी कई शिकायतें हैं. विश्लेषकों का मानना है कि सीएम विजयन को अपनी सदस्यता जाने का डर था, इसी कारण संशोधन लाया गया है. इसे भी पढ़ें ;  गोवा">https://lagatar.in/goa-police-arrests-curly-club-owner-in-sonali-phogat-case-drugs-recovered-from-bathroom/">गोवा

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विपक्ष ने कहा, संशोधन करना संविधान का उल्लंघन है

राज्य के कानून मंत्री पी राजीव ने कहा, यह सही कदम है. कहा कि सरकार लोकायुक्त को न्यायिक प्रणाली के बजाय एक जांच तंत्र के रूप में देखती है. कोई भी जांच एजेंसी सजा तय नहीं कर सकती है. हालांकि विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने कहा कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है. यह संविधान के साथ न्यायपालिका का भी उल्लंघन है.

पारित बिलों पर नहीं करेंगे हस्ताक्षर : राज्यपाल

कहा जा रहा है कि संशोधन विधेयक पास होने पर सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव बढ़ सकता है. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद इस बारे में पहले ही वाम सरकार को चेता चुके हैं. उन्होंने कहा था कि वह विधानसभा द्वारा पारित उन विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, जो संविधान की भावना और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के खिलाफ जाते दिखेंगे. wpse_comments_template]

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