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10 दिन पहले जिला से मिला पत्र : बीपीओ
इस संबंध में इचाक प्रखंड के बीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि 10 दिन पहले जिला से पत्र मिला है. उसके बाद सभी मुखिया, जेई, पंचायत सचिव और रोजगार सेवकों को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है. उसमें बताया गया है कि लक्ष्य के अनुरूप कूप निर्माण के लिए किसानों को चिह्नित करना है. उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर यह कूप उसी को देना है, जो पहले बागवानी कर चुके हैं.कूप निर्माण का क्या है प्रावधान
यह कूप निर्माण केंद्र से मनरेगा और सरकार द्वारा दी गई राशि से होना है. इसमें केंद्र से 3.50 लाख और राज्य से 50 हजार की राशि देने का प्रावधान है. कुएं की खुदाई के बाद मुंडेर बांधने के वक्त 50 रुपए दिए जाएंगे. बाकी की रकम मनरेगा के तहत मजदूरों के खाते में भेजा जाएगा.कई पंचायतों में नहीं की गई है बागवानी
इचाक के कई पंचायतों गोबरबंदा, परासी, करियातपुर आदि में बागवानी नहीं की गई है. इन पंचायतों में कम जमीन रहने की वजह से बागवानी नहीं की जा सकी. ऐसे में यहां के किसानों का कहना है कि उन्हें भी कूप मुहैया कराई जाए. भले ही उन्होंने बागवानी नहीं की, पर सिंचाई के लिए उन्हें भी कूप की जरूरत है.पत्र नहीं मिला, तो किस आधार पर चुनें लाभुक : सत्येंद्र मेहता
[caption id="attachment_631890" align="alignleft" width="150"]alt="मुखिया संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र मेहता" width="150" height="150" /> मुखिया संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र मेहता[/caption] इचाक मुखिया संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से जारी पत्र किसी मुखिया को नहीं मिला है. ऐसे में किस आधार पर लाभुक का चयन करें. अगर पत्र मिलता, तो अब तक किसान चिह्नित किए जा चुके होते. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/ritwik-companys-project-coordinator-shot-dead-in-barkagaon-hazaribagh/">हजारीबाग
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