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गर्दन तक कर्ज में डूबा मीडिल क्लास फैशन का फुटानी झाड़ता चल रहा है

 
Surjit Singh मीडिल क्लास सबसे अधिक फैशन झाड़ता दिख रहा है. होटलों में खाना खा रहा है. ब्रांडेड कपड़े पहन रहा है. घर के बदले मैरेज हॉल में शादी कर रहा है. कार पर चल रहा है. बस दिखा रहा है कि उसकी आर्थिक हालत अच्छी है. सब चंगा है. बल्ले-बल्ले वाली जिंदगी है. सच्चाई इसके उलट है. फिर सच क्या है? सच आपको इंडस वैली के ताजा रिपोर्ट में मिलता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के 140 करोड़ में से 100 करोड़ लोगों की सलाना कमाई 1000 डॉलर यानी 86000 से कम है. इन 100 करोड़ लोगों को रिपोर्ट में अन मोनोटाईजेबल माना गया है. यानी कि इनके भरोसे बाजार नहीं चल सकता. कुछ खरीदने लायक नहीं बचे हैं. रोज का भोजन जुटा लें, वही बहुत है. इन्हीं में से 80 करोड़ लोगों को सरकार चावल-दाल दे रही है. देश के सिर्फ 3 करोड़ परिवार ऐसे हैं, जिनकी सलाना कमाई 15000 डॉलर यानी 12,90,000 रुपया है. और 7 करोड़ परिवार ऐसे हैं, जिनकी सलाना कमाई 3000 डॉलर यानी 2,58,000 से अधिक है. यह जो 7 करोड़ परिवार हैं, यही लोग मीडिल क्लास हैं. किसी तरह खुद को अपर मीडिल क्लास या उससे भी उपर ले जाने के लिए परेशान हैं. यही लोग लोन लेते हैं. वह गर्दन तक कर्ज में डूब चुका है. एक अन्य रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2017 में देश में पर्सनल लोन लेने वालों की संख्या 69 लाख थी. अब 2024 में पर्सनल लोन लेने वालों की संख्या बढ़ करके 1.38 करोड़ हो गई है. लगभग दोगुणी. कितने लोन लिए जाते थे और कितने लिए जा रहे हैं, यह आंकड़ा चौंकाने वाला है. वर्ष 2017 में पर्सनल लोन की कुल रकम 1.50 लाख रुपया, जो वर्ष 2024 में करीब 9.00 लाख करोड़ हो गया है. 6 गुणा. कौन हैं, जो इतने लोन ले रहे हैं. यह वही 7 करोड़ परिवार है, जो कभी बैंक से, कभी क्रेडिट कार्ड पर, तो कभी किसी नन बैंकिंग कंपनी से पर्सनल लोन ले रहे हैं. यह 7 करोड़ परिवार लोन लेकर कभी फीस दे रहा है, कभी इलाज करा रहा है, कभी शादी कर रहा हैं, कभी महंगी टीवी-फ्रीज खरीद रहा हैं. हाउसिंग लोन का आंकड़ा अलग है. रिपोर्ट से यह पता चलता है कि 8 सालों में लोन लेने वालों की संख्या तो 2 गुणा बढ़ा, लेकिन लोन की रकम 6 गुणा बढ़ गया. एक और बात यह तो 9.00 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है ना, इसमें से 88 प्रतिशत कर्ज एक लाख रुपये से कम का है. हाल में यह लोन तेजी से एनपीए हो रहा है. यानी यह जो मीडिल क्लास है, वह पहले से ज्यादा लोन ले रहा है और फुटानी झाड़ करके दिखावा कर रहा है कि वह कितना संपन्न है. और उसे कोई दिक्कत नहीं है.  
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