मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा था
शुरुआती दिनों में घंटा घर के निर्माण के खिलाफ सड़क पर लड़ाई शुरू हुई. जिसके बाद यह मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा. घंटा घर निर्माण के खिलाफ जोरदार आवाज उठानेवाले अजय उपाध्याय ने मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता राजीव कुमार की मार्फत जनहित याचिका दायर की. याचिका दायर कर उन्होंने आरोप लगाया था कि जहां पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की प्रतिमा है, वहां घंटा घर बनाने से उनकी प्रतिमा छुप जाएगी. इसलिए घंटा घर बनाने की योजना को रद्द कर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए. कुछ तारीखों पर मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद अचानक प्रार्थी अजय उपाध्याय ने अपना अधिवक्ता बदल दिया और राजीव कुमार से केस की फाइल वापस ले ली.अजय उपाध्याय की दलील
अधिवक्ता से फाइल वापस लेने के संबंध में अजय उपाध्याय से पूछा, तो उनका कहना था कि उन्होंने राजीव कुमार से केस की फाइल इसलिए वापस ले ली, क्योंकि उनकी फीस दे पाने में वे समर्थ नहीं थे. यह पूछे जाने पर कि वकील बदलते ही आपको मंत्री ने अपना विधायक प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया, तो उनका कहना था कि यह मामला राजनीति से अलग है.केस मैनेज करने के लिए विधायक प्रतिनिधि बनाया : तिवारी
घंटा घर का नाम बदलने के मामले को लेकर राज्यपाल से शिकायत करने और विरोध में आवाज उठाने वाले गढ़वा के पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक नाम बदलने के पीछे मंत्री मिथिलेश ठाकुर का हाथ था. उन्होंने हाईकोर्ट में इस मामले में जनहित याचिका दाखिल करनेवाले अजय उपाध्याय को इसीलिए अपना विधायक प्रतिनिधि बना दिया, ताकि केस को मैनेज किया जा सके. इसे भी पढ़ें – RMC">https://lagatar.in/rmc-trouble-in-online-deposit-holding-tax-collection-reduced-from-last-year/">RMC: ऑनलाइन जमा में परेशानी, पिछले साल से घटा होल्डिंग टैक्स कलेक्शन [wpse_comments_template]

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