Ranchi: कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारी अपनी मेहनत के पैसे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. दरसअल, कोरोना महामारी के वक्त (VLE) कोविड टेस्टिंग समेत अन्य कामों के लिए आउटसोर्सिंग पर लिए गए कर्मचारी जिला प्रशासन के आदेश पर बहाल किए गए थे. वहीं मंगलवार को दर्जनों कर्मचारी अपनी समस्या को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का दरवाजा फिर खटखटाया है. इसे पढ़ें-BIG">https://lagatar.in/big-breaking-jamshedpur-young-man-of-bagbera-shot-in-sarjamda-of-parsudih/">BIG
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वेतन के लिए लगा रहे हैं अधिकारियों के चक्कर
250 लोगों की बहाली रांची सदर अस्पताल में हुई थी. ये सभी कर्मी रांची-हटिया रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड समेत कोविड स्टेटिक बूथ पर तैनात किए गए थे. शुरुआत के महीने में वेतन मिला, लेकिन जैसे ही महामारी खत्म हुई इन्हें काम से हटा दिया गया, वो भी बिना पैसे के भुगतान किये. गौरतलब है कि इन्हें 400 रुपये प्रतिदिन (12000) रुपये प्रतिमाह भुगतान की बात कहकर काम पर रखा गया था.जल्द दूर होगी समस्या
इस विषय पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि आपदा प्रबंधन कोष से 110 करोड़ रुपये की स्वीकृतादेश निर्गत किया गया था, लेकिन आंतरिक वित्तीय सलाह के द्वारा चिट्ठी भेजा गया और बताया गया है कि यह राशि 2020-21 तक निष्पादन कर सकते हैं. ऐसे में पैसे के भुगतान में विलंब हो रही है. उन्होंने बताया कि फिर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले 32 करोड़ और फिर 10 करोड़ यानी कि कुल 42 करोड़ निर्गत किया गया है. ऐसे की समस्या दूर होगी. इसे भी पढ़ें-धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-bihar-jharkhand-sail-representative-union-demonstrated-against-layoffs/">धनबाद:छंटनी के विरोध में बिहार-झारखंड सेल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन ने किया प्रदर्शन
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