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जिस माह का आवंटन, उसी माह लेना होगा राशन, पूर्वी सिंहभूम जिले में राशन वितरण की नई व्यवस्था लागू

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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में जनवरी माह से खाद्यान्न वितरण की नई व्यवस्था लागू हो गई है. अब जिस माह का आवंटन होगा, उसी माह का खाद्यान्न लाभुक को मिलेगा. अगर लाभुक आवंटन माह में खाद्यान्न लेने नहीं आता है, तो उस माह का राशन उसे अगले महीने नहीं मिलेगा. यह नई व्यवस्था “वन नेशन वन राशन कार्ड “ योजना के पूरे देश में लागू होने के कारण की गई है. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-health-minister-started-vaccination-of-children-in-the-age-group-of-15-to-18-years/">जमशेदपुर:

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लाभुक किसी भी पीडीएस दुकान से राशन का उठाव कर सकता है

इस संबंध में सरकार के अवर सचिव सतीश चंद्र चौधरी ने प्रबंध निदेशक झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड, निदेशक खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशायलय, राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी, एनआईसी सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है. भेजे गए पत्र में उन्होंने भारत सरकार द्वारा सप्लाई चेन मैनेजमेंट को सुदृढ़ किए जाने के उद्देश्य से उक्त व्यवस्था लागू किए जाने की बात कही गई है. आदेश में कहा गया है कि देश में वन नेशन, वन राशन कार्ड व्यवस्था लागू है. जिसके तहत एक राज्य का लाभुक दूसरे राज्य में भी अपने खाद्यान्न का उठाव कर सकता है. इसी तरह झारखंड का कोई भी लाभुक दूसरे जिले में जहां वह वर्तमान में रह रहा है, किसी भी पीडीएस दुकान से राशन का उठाव कर सकता है. ऐसी स्थिति में खाद्यान्न वितरण के लिए दो माह की व्यवस्था रखना औचित्यपूर्ण नहीं है.

केंद्र  सरकार के निर्देश पर उठाया गया कदम

भारत सरकार के उपभोक्ता मामले के विभाग की ओर से इस संबंध में एक पत्र बीते 11 अक्टूबर को राज्य सरकार को भेजा गया था. जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मासिक खाद्यान्न वितरण व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था. उसी निर्देश के आलोक में झारखंड में इस व्यवस्था को लागू किया गया है. पुरानी व्यवस्था के तहत इसकी मॉनिटरिंग, आंकड़ों का संग्रह एवं भारत सरकार के पोर्टल पर आंकड़ों का अपडेशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. साथ ही पीडीएस दुकानों में दो-दो माह का खाद्यान्न का आवंटन भेजे जाने से वहां गोदाम में रखने की भी समस्या उत्पन्न होती थी. इसे देखते हुए जिस माह का आवंटन उसी माह उसका वितरण सुनिश्चित करने का नियम लागू किया गया. इस व्यवस्था को कई राज्य पहले ही लागू कर चुके हैं.

झारखंड में 2015 से लागू है राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम

झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2015 से लागू है. इसके तहत अंत्योदय अन्न योजना एवं पूर्व विक्ता प्राप्त गृहस्थ योजना (पीएच) के तहत लाभुकों को अनुमानित दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावे झारखंड में विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत अंत्योदय श्रेणी के लाभुकों 35 किलोग्राम पैकेट में राशन घर-घर जाकर उपलब्ध कराया जाता है.

पूर्वी सिंहभूम जिले में 6.42 लाख हैं राशन कार्डधारी

पूर्वी सिंहभूम जिले में चार श्रेणियों के कुल राशन कार्ड 6 लाख, 42 हजार, 114 हैं. जिसमें पीएच कार्डधारी 379013, अंत्योदय के 56711, सफेद राशन कार्ड 176927 तथा ग्रीन राशन कार्ड 29463 है. जिसमें सफेद कार्डधारियों को खाद्यान्न नहीं मिलता है. उन्हें केवल किरासन तेल प्राप्त होता है. जबकि ग्रीन राशन कार्डधारियों को राज्य सरकार की ओर से आवंटित खाद्यान्न प्राप्त होता है.

अब अवकाश को छोड़कर सभी दिन खुली रहेंगी राशन दुकानें

जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिले में राशन वितरण की नई व्यवस्था इसी माह से लागू कर दी गई है. इसके तहत लाभुक को अपना आवंटन इसी माह पीडीएस दुकानों से जाकर प्राप्त कर लेना है. उन्होंने कहा कि अवकाश को छोड़कर राशन दुकानें सभी दिन खुली रहेंगी. इसे भी पढ़ें: CORONA:">https://lagatar.in/corona-opd-of-government-medical-institutions-should-be-closed-jhasa-demands-from-cm/">CORONA:

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