Dhanbad : जिले में इन दिनों जहां एक ओर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं तो दूसरी ओर पुलिस की साख पर सवाल खड़ा हो रहे हैं. अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है. पिछले दिनों जब एसीबी की टीम ने जमादार को रिश्वत लेते दबोचा तो खाकी वर्दी की कार्यशैली ही कठघरे में आ गई. सरेआम अपराधियों द्वारा की जा रही गोलीबारी, हत्या और बमबाजी से व्यवसायी वर्ग के साथ आमजन दहशत में हैं. अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम पुलिस महकमा को लोग कोस रहे हैं और सवाल भरे लहजे में पूछ रहे हैं कि खाकी वर्दी फांकी तो नहीं मार रही है.
थम नहीं रहा हत्याओं का दौर
बता दें कि वर्ष 2021-22 में 5 और 2023 में मई तक 3 हत्या हो चुकी है. कई को धमकी भी मिली है. 13 फरवरी 2021 को शजादे खान, 12 मई 2021 लाला खान, 24 नवंबर 2021 महताब आलम उर्फ नन्हे, 5 दिसंबर 2022 अजय पासवान और 12 दिसंबर 2022 को शहबाज सिद्दिकी उर्फ बबलू की हत्या हुई. वर्ष 2023 में 2 फरवरी को रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह, 12 अप्रैल को बरवाअड्डा के जमीन कारोबारी राजकुमार साव और 3 मई को इकबाल के करीबी बबलू उर्फ ढोलू की गोली मारकर काम तमाम कर दिया. 24 मई को अनवर उर्फ चाइना को गोली मार दी गई. उसके बाद 1 जून को तोपचांची के शान-ए-पंजाब में बम फेंका गया. 6 जून को केंदुआ के व्यवसायी को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई. 7 जून को व्यवसायी संजीव आनंद ठाकुर को गोली मार दी गई. उनका इलाज दुर्गापुर मिशन में चल रहा है. वर्दी लगातार हो रही दागदार
खाकी वर्दी पर दाग लगने के आंकड़े को देखा जाए तो 12 फरवरी 2019 को भागाबांध ओपी के एएसआई महेंद्र कुमार सात हजार घूस लेते, 14 फरवरी 2019 को धनसार थाना के एएसई लक्ष्मणवाण सिंह पांच हजार घूस लेते व 26 फरवरी 2020 को गोविंदपुर के दारोगा मुनेश कुमार 50 हजार रिश्वत लेते धरे गए. 25 अप्रैल 2021 को कालूबथान ओपी के एएसआई हरिप्रकाश मिश्रा 10 हजार घूस लेते और 22 जून 2022 को लोयाबाद के दारोगा नीलेश कुमार सिंह 50 हजार लेते रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाए. 22 नवंबर 2022 को लोयाबाद के एएसआई दशरथ साहू 10 हजार घूस लेते, 22 नवंबर 2022 को सरायढेला थाना के पीएसआई राजेंद्र उरांव 6 हजार रिश्वत लेते एवं बुधवार 7 जून को धनबाद महिला थाना के जमादार सतेंद्र पासवान को 4000 घूस लेते एसीबी ने धर दबोचा. [wpse_comments_template]
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