Delhi : राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष एकजुट होने लगा है. इसको लेकर बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शरद पवार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई. इसमें कई विपक्षी दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहे. इस बैठक में विपक्षी दलों ने शरद पवार का नाम आगे किया, मगर पवार ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया. जिसके बाद ममता बनर्जी की फारूक अब्दुल्ला का नाम सुझाया, इसपर भी चर्चा हुई. मगर उमर अब्दुल्ला ने उनके नाम का विरोध कर दिया. इसके बाद दो और नामों पर भी चर्चा की गई, जिसमें गोपाल कृष्ण गांधी और एनके प्रेमचंद्रन शामिल हैं, मगर अभी आम सहमति नहीं बन पाई. इस मुद्दे पर एक सप्ताह के अंदर एक और बैठक होगी, जिसमें सर्वसम्मति से एक नाम को फाइनल किया जायेगा. सभी विपक्षी दलों को साथ लेकर चलने का जिम्मा टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, एनसीपी चीफ शरद पवार और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपा गया है. आज की बैठक में विपक्षी नेताओं ने कहा कि एक उम्मीदवार वास्तव में संविधान के संरक्षक के रूप में काम कर सकता है. वह मोदी सरकार की मनमानी और भारतीय लोकतंत्र को और नुकसान पहुंचाने से रोक सकता है.
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बैठक में कांग्रेस से रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश और मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव, शिवसेना से प्रियंका चतुर्वेदी और सुभाष देसाई, आरजेडी से मनोज झा, जेडीएस से एचडी कुमारस्वामी, नेशनल कांफ्रेंस से उमर अब्दुल्ला, पीडीपी से महबूबा मुफ्ती, डीएमके से कुमार बालू, सीपीएम से एलाराम करीम, सीपीआई से बिनॉय विश्वम, एचडी देवगौड़ा, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी से एनके प्रेमचंद्रन पहुंचे थे.
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का केसरिया कलाकंद और बड़हिया का रसगुल्ला नहीं खाए तो खाए क्या [wpse_comments_template]
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