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राज्य सरकार की खर्च करने की रफ्तार धीमी, 3 महीने में महज 13.72% ही खर्च, समीक्षा बैठक स्थगित

झारखंड सरकार की खर्च करने की रफ्तार धीमी है. चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहले तीन महीने में महज 13.72% ही खर्च हो सके हैं. राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 91,741.52 करोड़ रुपये की योजना बनाई है, लेकिन पहले तीन महीने में केवल 12,585.30 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं.
 

Ranchi : झारखंड सरकार की खर्च करने की रफ्तार धीमी है. चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहले तीन महीने में महज 13.72% ही खर्च हो सके हैं. राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 91,741.52 करोड़ रुपये की योजना बनाई है, लेकिन पहले तीन महीने में केवल 12,585.30 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं. मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मसले पर विभागीय सचिवों के साथ समीक्षा बैठक बुलाई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया.

 

 

 

 

स्थापना मद में भी खर्च कम


स्थापना मद में भी खर्च कम है. 53,658.47 करोड़ रुपये के बजट के विरुद्ध केवल 8,603.50 करोड़ रुपये यानी 16.03% ही खर्च हुए हैं.

 

कृषि विभाग सबसे पीछे


कृषि विभाग सबसे पीछे है. जून तक इस विभाग ने एक भी पैसा खर्च नहीं किया है. इसी तरह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में केवल 0.15%, पंचायती राज विभाग में शून्य और जल संसाधन विभाग में 14.58% खर्च हुए हैं.

 

अगले तिमाही में खर्च बढ़ाने का लक्ष्य


राज्य सरकार ने अगले तिमाही में खर्च बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. योजना मद की राशि 25% के स्थान पर मात्र 15% ही खर्च किए गए हैं. अगले तिमाही में इस कमी को पूरा कर लगभग 35% खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है. 

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