जगरनाथ महतो की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा परिवार जगन्नाथ महतो के आकस्मिक निधन पर मर्माहत है. कहा कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में जगरनाथ महतो का योगदान महत्वपूर्ण रहा है. 90 के दशक में झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को गतिमान बनाने के लिए दिसोम गुरु शिबू सोरेन के साथ मिलकर उल्लेखनीय योगदान दिया. उस समय गिरिडीह जिला आंदोलन का केंद्र हुआ करता था डुमरी क्षेत्र के एनएच में बंद और आर्थिक नाकेबंदी के दौरान युवाओं को गोलबंद कर संघर्ष का आह्वान करते थे. उनके अदम्य साहस को देख कर ही युवा जगरनाथ महतो को टाइगर नाम दिया गया था. शोक व्यक्त करने वालों में मोर्चा के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो, विदेशी महतो, भुनेश्वर केवट,अजीत मिंज, बिनोद बिहारी महतो, सीमा साहू, कार्तिक महथा , दीपक टाइगर, इजहार राही, आसमान सुंडी आदि शामिल हैं. झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने कहा कि झारखंड को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है.उन्होंने शिक्षा मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और उन्हें धरातल पर उतारा. उनके नेतृत्व में झारखंड की शिक्षा व्यवस्था बेहतर पायदान तक पहुंची. वे झारखंडियों के हक- अधिकार के लिए हमेशा तत्पर रहे.मूलवासी सदान मोर्चा ने कहा- सच्चे सपूत को खो दिया
मूलवासी सदान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. कहा कि दिवंगत आत्मा को ईश्वर शांति प्रदान करें. दुख सहने की शक्ति उनके परिवार, शुभचिंतकों को दें. जगरनाथ महतो का निधन झारखंडियों के लिए असहनीय है. वे सरल स्वभाव, मिलनसार और जमीन से जुड़े राजनेता थे. झारखंड वासियों ने आज अपनी माटी के सच्चे सपूत को खो दिया है. वे झारखंडियों व वंचितों के लिए हमेशा आवाज उठाते रहे और उनके दुख- सुख में हमेशा साथ खड़े रहे. इसे भी पढ़ें – ED">https://lagatar.in/hearing-in-hc-on-april-10-on-warranty-dahu-yadavs-anticipatory-bail-in-ed-case/">EDकेस में वारंटी दाहु यादव की अग्रिम जमानत पर HC में 10 अप्रैल को सुनवाई [wpse_comments_template]

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