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सत्ता में बैठे दल सरकारी धन का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे...लोक सेवक यह जरूर सोचें : पीएम मोदी

NewDelhi : प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे हर फैसले से पहले इन सवालों के बारे में जरूर सोचें कि सत्ता में बैठी राजनीतिक पार्टियां सरकारी धन का इस्तेमाल देश के विकास में कर रही हैं या अपने दल के विस्तार में या फिर वोट बैंक बनाने के प्रयास में वह उसे लुटा रही हैं. लोक सेवा दिवस पर राजधानी में शुक्रवार को लोक सेवकों को संबोधित करते हुए मोदी ने यह बात कही.  ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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 तो युवाओं के सपने चकनाचूर हो जायेंगे

अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को विस्तार देने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो देश का धन लुट जायेगा. कहा कि करदाताओं के पैसे बर्बाद हो जायेंगे, युवाओं के सपने चकनाचूर हो जायेंगे. कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोक प्रशासन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कामकाज के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्‍कार प्रदान किये. जान लें कि यह पुरस्‍कार नागरिकों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से जिलों और संगठनों को असाधारण प्रयासों और नयी पहलों के लिए दिये जाते हैं. अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि लोक सेवकों के छोटे से छोटे फैसलों का आधार भी देश हित होना चाहिए.

कुछ सवालों का अवश्य ही ध्यान रखना पड़ेगा

लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर दल की अपनी विचारधारा होती है और संविधान ने हर दल को यह अधिकार भी दिया है लेकिन एक सरकारी कर्मचारी के तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को कुछ सवालों का अवश्य ही ध्यान रखना पड़ेगा. प्रधानमंत्री ने कहा, जो राजनीतिक दल सत्ता में आया है क्या वह करदाताओं के पैसों का इस्तेमाल अपने दल के हित के लिए कर रहा है या देश के हित के लिए कर रहा है? उसका उपयोग कहां हो रहा है ? यह आप लोगों को देखना ही होगा. इस क्रम में याद दिलाया कि  पिछली सरकारों में  4 करोड़ से अधिक फर्जी गैस कनेक्शन, 4 करोड़ फर्जी राशन कार्ड के जरिए देश को लूटा जा रहा था.  कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय 30 लाख फर्जी युवाओं को छात्रवृत्ति का लाभ दे रहा था..

दल वोट बैंक बनाने के लिए सरकारी धन  तो नहीं लुटा रहे!

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने विस्तार में सरकारी धन का उपयोग कर रहा है या देश के विकास में उन पैसों का इस्तेमाल कर रहा है, वह अपना वोट बैंक बनाने के लिए सरकारी धन लुटा रहा है या सभी का जीवन आसान बनाने के लिए काम कर रहा है... ? मोदी ने कहा, ‘‘वह राजनीतिक दल सरकारी पैसे से अपना प्रचार कर रहा है या ईमानदारी से लोगों को जागरूक कर रहा है? वह राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को विभिन्न संस्थाओं में नियुक्त कर रहा है या फिर सब को पारदर्शी रूप से नौकरी में आने का अवसर दे रहा है?

आकाओं की काली कमाई के नये रास्ते

राजनीतिक दल नीतियों में कहीं इसलिए तो फेरबदल नहीं कर रहा है ताकि उसके आकाओं की काली कमाई के नये रास्ते बनें ?’ उन्होंने कहा, आप अपने हर फैसले से पहले इन सवालों के बारे में जरूर सोचें.. सरदार पटेल लोक सेवकों को स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया कहते थे.. उनकी अपेक्षाओं पर आपको खरा उतरना है.. नहीं तो देश का धन लुट जायेगा. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अमृत काल का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में उनकी (लोकसेवकों की) भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गयी है क्योंकि पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीदों से देख रहा है. कहा कि ‘आज पूरे विश्व की भारत से अपेक्षाएं बहुत ज्यादा बढ़ गयी हैं. दुनिया भर के विशेषज्ञ और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं यह कह रही हैं कि भारत का समय आ गया है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह ऐसा समय है जब उन्हें एक भी पल नहीं गंवाना है [wpse_comments_template]

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