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वाटर एटीएम पर गरमाई हजारीबाग की सियासत

कांग्रेस ने श्रद्धांजलि सभा कर पहनाई सफेद फूल-माला बोले विधायक- वर्तमान हेमंत सरकार की विफलता का उदाहरण है वाटर एटीएम सदर विधानसभा की 20 जगहों पर दो करोड़ से लगाया गया था वाटर एटीएम, एक भी नहीं कर रहा काम Gaurav Prakash Hazaribagh : वाटर एटीएम के मुद्दे पर हजारीबाग की सियासत गर्म हो गई है. दरअसल सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के एक वाटर एटीएम की श्रद्धांजलि सभा कर उस पर सफेद फूल-माला पहना दी. उसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया. राहगीरों को पेयजल की समस्या नहीं हो, इसे देखते हुए सदर विधायक मनीष जायसवाल ने वर्ष 2019 में करीब दो करोड़ के विधायक मद से कई इलाकों में वाटर एटीएम लगवाया था. चार साल बीत जाने के बाद भी वाटर एटीएम शुरू नहीं हो पाया. उससे राहगीरों की प्यास नहीं बुझ पाई. इसे भी पढ़ें :चौपारण">https://lagatar.in/grand-rath-yatra-will-start-for-the-first-time-in-chauparan-preparation-started/">चौपारण

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कांग्रेस ने बनाया राजनीतिक मुद्दा

आलम यह है कि अब यह शोभा का वस्तु बन कर रह गई है. कांग्रेस ने अब इसे राजनीतिक मुद्दा लिया है. जिला परिषद ने एटीएम स्थापित किया था. लेकिन इक्का-दुक्का वाटर एटीएम काम कर रहा है. बाकी सब खराब पड़े हुए हैं. एक बूंद पानी भी वाटर एटीएम से नहीं गिरा है. इस कारण वाटर एटीएम सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई. आने वाले दिनों में चुनाव भी होना है. इसे चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है ताकि हजारीबाग में भाजपा को घेरा जा सके.

एक वाटर एटीएम पर 8 से 10 लाख रुपए खर्च

एक वाटर एटीएम बनाने में लगभग 8 से 10 लाख रुपए खर्च हुए हैं. अगर पूरे प्रोजेक्ट को देखा जाए तो लगभग दो करोड़ रुपए खर्च किए गए. अगर वाटर एटीएम शुरू हो जाता तो राहगीर एवं व्यवसायियों को शुद्ध शीतल पेयजल मिल जाता. लेकिन लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है. तत्कालीन डीडीसी विजया जाधव के प्रयास से यह एटीएम लगाया गया था. हर एटीएम के बाहर विधायक मनीष जायसवाल का फोटो भी लगा हुआ है ताकि लोग यह भी समझें कि यह सुविधा विधायक की ओर से दी गई है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/aaaa-18.jpg"

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जनता के पैसे का दुरुपयोग, विधायक नहीं ले रहे जिम्मेदारी : शैलेंद्र

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार यादव ने कहा कि कोई भी संस्था या सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से प्याउ लगाया जाता है, तो उसकी नीयत राहगीरों को पानी पिलाना होता है. इसके लिए वह हमेशा यह देखता है कि घड़े में पानी भरा है या नहीं. लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वाटर एटीएम पानी पिलाने के लिए नहीं, कमीशन के लिए लगाया गया था. जनता के पैसे का दुरुपयोग किया गया और इसके लिए विधायक अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/1790-candidates-gave-the-entrance-examination-of-excellent-school-at-four-centers-of-hazaribagh/">हजारीबाग

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वर्तमान सरकार की नाकामी, कांग्रेस अपनी ही सरकार की विफलता कर रही उजागर : विधायक

वाटर एटीएम पर सदर विधायक मनीष जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शहर के 20 प्रमुख स्थानों पर विधायक निधि से वाटर एटीएम लगाया गया था. यह भाजपा सरकार में बनकर तैयार हुआ था. लेकिन झारखंड में गंठबंधन की सरकार आने के बाद इस पर ग्रहण लग गया और बनने के बाद सुचारू नहीं हो सका. उन्हें खुशी है कि अब कांग्रेसी भी भाजपा की भाषा बोलने लगे हैं और अपनी सरकार की विफलता को खुद उजागर कर रहे हैं. वाटर एटीएम का सुचारू नहीं हो पाना वर्तमान गठबंधन की सरकार की नाकामी का ज्वलंत उदाहरण है. हाल ही में उन्होंने जिला बीस सूत्री की बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था. इसमें जिले के प्रभारी मंत्री और सरकार के अभिन्न अंग भी यहां मौजूद थे. बैठक में मामला उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन संबंधित संवेदक एजेंसी को पत्राचार भी किया है. [wpse_comments_template]

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