- हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक की जीत से बढ़ा कांग्रेस का मनोबल
भारत जोड़ो यात्रा की अहम भूमिका
alt="" width="1200" height="800" /> कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित होने के बाद शनिवार को इस सफलता का एक बड़ा श्रेय भारत जोड़ो यात्रा को दिया. कहा कि भारत जोड़ो यात्रा बनाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विमर्श में राहुल गांधी द्वारा निकाली गई पदयात्रा ही स्पष्ट विजेता साबित हुई है. पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का यह भी मानना है कि इस यात्रा ने कर्नाटक में कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम किया और कार्यकर्ताओं में नया जोश पैदा किया, जो चुनावी जीत में मददगार रही. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस के संगठन के लिए संजीवनी रही. पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा का कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली गई पदयात्रा के विमर्श ने प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े विमर्श को पराजित कर दिया. उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत भारतीय राजनीति में एक विशेष विमर्श के साथ आरंभ हुई, जिसका इंतजार भारत के लोग कर रहे थे. कर्नाटक में यात्रा करीब 22 दिनों तक रही.
- प्रदेश में 22 दिन रही थी भारत जोड़ो यात्रा
- बारिश में भीगते हुए भाषण देते रहे थे राहुल गांधी
इन राज्यों में होने हैं विस चुनाव
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले एक साल के दौरान नौ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लोकसभा का सेमीफाइनल माना जा रहा है. इनमें चार राज्यों में चुनाव हो चुके हैं. इनमें पूर्वोत्तर के तीन और दक्षिण का एकमात्र कर्नाटक शामिल है. अब तेलंगाना, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं. तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखरराव (केसीआर) लगातार दो बार से चुनाव जीत रहे हैं. टीआरएस से बीआरएस बन चुकी केसीआर की पार्टी की तेलंगाना में गहरी पैठ है. राजस्थान में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में गुटबाजी हावी है. छत्तीसगढ़ में भाजपा की स्थिति ठीक नहीं है. यहां कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटें जीतकर बीजेपी के खिलाफ सत्ताविरोधी लहर को भुनाया था. मध्य प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर पिछले चुनाव में ही नजर आ चुकी थी. मिजोरम में जोरमथांगा के नेतृत्व वाली मिजो नेशनल फ्रंट यानी एमएनएफ की सरकार है. साल 2018 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की सहयोगी पार्टी एमएनएफ ने 40 में से 26 सीटें जीती थीं. भाजपा के साथ गठबंधन में एमएनएफ काफी मजबूत रही है, लेकिन बीते साल अक्टूबर में भाजपा प्रमुख वनलालमुआका ने अकेले ही 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था.सिद्धरमैया और शिवकुमार में मुख्यमंत्री पद की जंग
alt="" width="637" height="427" /> कांग्रेस के 75 वर्षीय नेता सिद्धरमैया शनिवार को जब मैसूर में खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे तो वह नयी ऊर्जा से लबरेज नजर आये. सिद्धरमैया को कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है. सिद्धरमैया ने कहा कि यह (कर्नाटक में चुनाव परिणाम) 2024 में कांग्रेस की जीत की ओर महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पूर्व में कई बार कहा था कि यह मेरा अंतिम चुनाव है. इसके बाद मैं चुनावी राजनीति से संन्यास ले लूंगा. हालांकि, शनिवार को सिद्धरमैया ने संकेत दिया कि उनकी निगाहें भविष्य की संभावनाओं पर टिक गई हैं. मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने की इच्छा जता चुके सिद्धरमैया अब आगे होने वाले घटनाक्रम का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार मुख्य तौर पर दौड़ में हैं. सिद्धरमैया वर्ष 2013 से 2018 तक मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर संभाल चुके हैं. वर्ष 2013 में एम. मल्लिकार्जुन खड़गे (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और तत्कालीन केंद्रीय श्रम मंत्री को पछाड़ते हुए सिद्धरमैया मुख्यमंत्री बने थे.
2006 में जनता परिवार छोड़ कांग्रेस में आये थे सिद्धरमैया
करीब ढाई दशक से जनता परिवार से जुड़े रहे और कांग्रेस विरोधी रुख के लिए पहचाने जाने वाले सिद्धरमैया वर्ष 2006 में कांग्रेस में शामिल हुए थे. वर्ष 2004 में खंडित जनादेश के बाद कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनाई थी, जिसमें कांग्रेस नेता एन. धर्म सिंह मुख्यमंत्री जबकि तत्कालीन जद (एस) नेता सिद्धरमैया को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था. सिद्धरमैया कुरुबा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. यह समुदाय राज्य में तीसरी सबसे बड़ी आबादी है. सिद्धरमैया को जद (एस) से बर्खास्त किए जाने के बाद पार्टी के आलोचकों ने दावा किया था कि उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि जद (एस) नेता एच.डी. देवगौड़ा कुमारस्वामी को पार्टी के नेता के रूप में बढ़ाने के इच्छुक थे. अधिवक्ता सिद्धरमैया ने उस वक्त भी राजनीति से संन्यास की बात कहते हुए वकालत के पेशे में लौटने का विचार व्यक्त किया था.अन्य गैर भाजपा शासित राज्य (कुल लोकसभा सीटें - 406)
| राज्य | सत्ताधारी दल | लोकसभा सीट |
| दिल्ली | आम आदमी पार्टी | 07 |
| पंजाब | आम आदमी पार्टी | 13 |
| हिमाचल | कांग्रेस | 04 |
| राजस्थान | कांग्रेस | 25 |
| बिहार | महागठबंधन | 40 |
| झारखंड | झामुमो-कांग्रेस | 14 |
| पश्चिम बंगाल | तृणमूल कांग्रेस | 42 |
| ओडिशा | बीजू जनता दल | 21 |
| छत्तीसगढ़ | कांग्रेस | 11 |
| मिजोरम | मिजो नेशनल फ्रंट | 01 |
| कर्नाटक | कांग्रेस | 28 |
| केरल | सीपीएम | 20 |
| तमिलनाडु | डीएमके | 39 |
| आंध्र प्रदेश | वाईएसआर कांग्रेस | 25 |
| तेलंगाना | भारत राष्ट्र समिति | 17 |
यह मोदी की हार : बघेल
रायपुर : कर्नाटक चुनाव के रुझान में कांग्रेस के पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ने के संकेत के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि चुनावों के ध्रुवीकरण की भारतीय जनता पार्टी की कोशिश नाकाम साबित हुई. दक्षिणी राज्य में लोगों का जनादेश स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बजरंगबली कांग्रेस के साथ हैं. बघेल ने राजधानी रायपुर में हेलीपैड में संवाददाताओं से कहा कि भाजपा को एहसास हो गया था कि वह कर्नाटक चुनाव हारने जा रही है, इसलिए टेलीविजन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीरों को भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के साथ बदल दिया गया. उन्होंने कर्नाटक में भाजपा के प्रदर्शन को मोदी की हार बताया. बघेल ने कहा कि मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी, पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं और कर्नाटक नेतृत्व को बधाई देता हूं.- यूपी निकाय चुनाव : भाजपा ने सपा, बसपा व कांग्रेस को दी शिकस्त
- पहली बार सभी नगर निगमों पर बने भाजपा के महापाैर, सीएम योगी ने दी बधाई
- यूपी में 17 महापौर (मेयर) और 1420 पार्षद पद के लिए हुए थे चुनाव
भाजपा ने लहराया जीत का परचम
alt="" width="945" height="705" /> नई दिल्ली : कर्नाटक में एक तरफ भाजपा को करारी हार मिली तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश से राहत भरी खबर रही. उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में योगी आदित्यनाथ का जलवा बरकरार रहा. निकाय के चुनाव के नतीजों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बीजेपी के चुनावी बुलडोजर ने एक साथ अखिलेश यादव की सपा, मायावती की बसपा और प्रियंका गांधी की कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों को रौंद डाला. 17 मेयर के चुनाव में बीजेपी झांसी, अयोध्या, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर और सहारनपुर समेत तमाम मेयर सीट पर जीत दर्ज की. झांसी में बिहारी लाल आर्य, अयोध्या में गिरीश पति त्रिपाठी, गाजियाबाद में सुनीता दयाल, बरेली में उमेश गौतम, गोरखपुर में मंगलेश श्रीवास्तव और सहारनपुर में अजय सिंह मेयर चुनाव जीत गये. शनिवार को चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के नतीजे घोषित कर दिये. चुनाव आयोग के अनुसार, यूपी निकाय चुनाव में 17 महापौर (मेयर), 1420 पार्षद, नगर पालिका परिषदों के 199 अध्यक्ष, नगर पालिका परिषदों के 5327 सदस्य, नगर पंचायतों के 544 अध्यक्ष और नगर पंचायतों के 7178 सदस्यों के निर्वाचन के लिए हुआ था. दो चरणों में 17 महापौरों और 1,401 पार्षदों के चुनाव के लिए मतदान हुआ था जबकि 19 पार्षद निर्विरोध चुने गए. यूपी में नगर पालिका परिषदों के 198 अध्यक्षों और 5,260 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान हुआ. मतदाताओं ने नगर पंचायतों के 542 अध्यक्षों और नगर पंचायतों के 7,104 सदस्यों के भाग्य का फैसला करने के लिए भी मतदान किया. 162 जनप्रतिनिधि निर्विरोध चुने गए, जबकि 14,522 पदों के लिए चुनाव हुए.
अयोध्या में बीजेपी के गिरीश त्रिपाठी जीते
नगर निगम मेयर चुनाव का पहला नतीजा झांसी से आया. बीजेपी के बिहारी लाल आर्य ने कांग्रेस के अरविंद बबलू को हराया. गाजियाबाद में बीजेपी की सुनीता दयाल, बरेली में उमेश गौतम, गोरखपुर में मंगलेश श्रीवास्तव और सहारनपुर में अजय सिंह जीते. लखनऊ में सुषमा खर्कवाल, कानपुर में प्रमिला पांडेय, वाराणसी में अशोक तिवारी, अलीगढ़ में प्रशांत सिंघल, फिरोजाबाद में कामिनी राठौर, मथुरा-वृंदावन में विनोद अग्रवाल, मुरादाबाद में विनोद अग्रवाल, प्रयागराज में गणेश केसरवानी जीते.मोहत्सिमगंज में बीजेपी की शर्मनाक हार हुई
यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के वार्ड मोहत्सिमगंज में बीजेपी की शर्मनाक हार हुई. प्रयागराज नगर निगम के मोहत्सिमगंज वार्ड नंबर 80 में बीजेपी प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा. बीजेपी पार्षद प्रत्याशी विजय वैश्य की करारी हार हुई. यहां निर्दलीय कुसुम लता गुप्ता 1674 वोट पाकर चुनाव जीतीं. सपा के इशरत अली को 385 वोटों से हार मिली. सपा के इशरत अली को इस सीट पर 1289 वोटों से हराया. बीजेपी के विजय वैश्य को 1275 वोटो से ही संतोष करना पड़ा.इन राज्यों पर पड़ सकता है कर्नाटक के नतीजों का असर
कर्नाटक के भूगोल को देखें तो उत्तर में महाराष्ट्र, उत्तर पश्चिम में गोवा, दक्षिण में केरल, दक्षिण पूर्व में तमिलनाडु, पूर्व में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य स्थित हैं. कर्नाटक को मिलाकर इन सभी राज्यों की लोकसभा सीटों को मिलाकर कुल 179 सीटें बैठती हैं. यानी कर्नाटक विधानसभा में कमल न खिलने का मतलब यह है कि लोकसभा चुनावों में इन राज्यों में भी भाजपा के विजय रथ पर असर पड़ सकता है.मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं: बोम्मई
शिग्गांव (कर्नाटक) : कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि वह विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की हार की पूरी जिम्मेदारी लेंगे. पार्टी आने वाले दिनों में एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बहुत संगठित चुनावी रणनीति उसकी जीत के प्रमुख कारणों में से एक हो सकती है. मैं जनादेश को अत्यंत सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं. मैं भाजपा की इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं, किसी और की जिम्मेदारी नहीं है. राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में मैं जिम्मेदारी लेता हूं. इस हार का पूरा विश्लेषण करने की आवश्यकता है, क्योंकि इसके कई कारण हैं. पार्टी हर निर्वाचन क्षेत्र में प्रदर्शन का विस्तार से विश्लेषण करेगी. हम सभी कमियों को दूर करने की कोशिश करेंगे, खुद को संगठित करेंगे और पार्टी एक बार फिर वापसी करेगी. हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं और अपनी गलतियों को सुधारते हुए लोकसभा चुनाव जीतने के लिए संगठनात्मक और प्रशासनिक रूप से सभी आवश्यक तैयारियां करेंगे. उन्हें चुनने के लिए शिग्गांव विधानसभा क्षेत्रवासियों को धन्यवाद देते हुए बोम्मई ने कहा कि वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम जारी रखेंगे.19 सभाएं और 6 रोड शो किए थे पीएम मोदी ने
बेंगलुरु। भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी ने सात दिन में 19 सभाओं को सम्बोधित किया था. इनमें जनसभाएं और रैलियां शामिल हैं. इनके अलावा मोदी ने 6 रोड शो भी किए थे. इनमें से तीन बेंगलुरु में और एक-एक मैसूरु, कलबुर्गी और तुमकुरु में आयोजित किए गए. इन्हीं आंकड़ों को जिलेवार देखें तो पीएम ने अपने चुनावी कार्यक्रम में 19 जिले कवर किए जिनमें 164 विधानसभा सीटें पड़ती हैं.आप ने जीता जालंधर उपचुनाव
भाजपा चौथे नंबर पर
alt="" width="1200" height="800" /> जालंधर। जालंधर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार सुशील कुमार रिंकू ने जीत हासिल कर ली है. उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार करमजीत कौर चौधरी को 40 हजार से भी अधिक वोटों से पराजित किया. रिंकू को तीन लाख से भी अधिक वोट मिले जबकि करमजीत कौर को लगभग दो लाख वोट मिले. वेबसाइट के अनुसार, बसपा समर्थित शिअद के उम्मीदवार सुखविंदर कुमार सुखी तीसरे स्थान पर, जबकि भारतीय जनता पार्टी के इंदर इकबाल सिंह अटवाल चौथे स्थान पर रहे. इस सीट के लिए उपचुनाव 10 मई को हुआ था.
यूपी : स्वार विस उपचुनाव
शफीक अंसारी जीते
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल अपना दल (सोनेलाल) के शफीक अहमद अंसारी ने सपा प्रत्याशी अनुराधा पटेल को 8724 मतों से हराया. उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले की स्वार और मिर्जापुर जिले की छानबे विस सीटों के लिए 10 मई को मतदान हुआ था. उपचुनावों में सबका ध्यान स्वार सीट पर था, क्योंकि इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान करते थे. स्वार सीट सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को एक मामले में सजा सुनाये जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द होने के चलते रिक्त हुई थी.झारसुगुडा विस उपचुनाव
बीजद की दीपाली ने जीता
alt="" width="1400" height="800" /> भुवनेश्वर। ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने शनिवार को झारसुगुड़ा विधानसभा सीट बरकरार रखी. पार्टी उम्मीदवार दीपाली दास ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के टंकधर त्रिपाठी को 48,721 मतों से हराया. यह जानकारी एक निर्वाचन अधिकारी ने दी. एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दास को कुल 1,07,198 वोट मिले, जबकि त्रिपाठी को 58,477 वोट मिले. अधिकारी ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार तरुण पांडेय तीसरे स्थान पर रहे. डीएमके प्रमुख स्टालिन ने कांग्रेस को दी बधाई
समान विचारधारा वाले दल एकजुट हों
alt="" width="670" height="503" /> चेन्नई : द्रविड़ मुनेत्र कषगम् (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के साथ भाजपा द्रविड़ क्षेत्र में सत्ता से बाहर हो गई. उन्होंने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव जीतने के लिए समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होना चाहिए. द्रविड़ क्षेत्र में दक्षिण भारत के पांच राज्य-कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल-आते हैं. स्टालिन ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सिद्धरमैया और डी.के. शिवकुमार को बधाई दी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं से फोन पर बात की. स्टालिन ने सोशल मीडिया पर किये गये एक पोस्ट में कहा कि द्रविड़ परिवार की भूमि भाजपा से मुक्त हो गई. अब हम सभी को भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान को बहाल करने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के वास्ते एकजुट होना चाहिए. उन्होंने इस शानदार जीत के लिए कांग्रेस पार्टी को बधाई देते हुए कहा कि राहुल गांधी को अनुचित तरीके से संसद की सदस्यता से अयोग्य किये जाने, शीर्ष जांच एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल किये जाने, हिंदी भाषा को थोपा जाना, भष्टाचार के मुद्दों पर कर्नाटक के लोगों ने मतदान किया. उन्होंने भाजपा की बदले की राजनीति को उपयुक्त जवाब देकर कन्नडिगा सम्मान को कायम रखा.
जनता ने भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति का माकूल जवाब दिया
एमडीएमएके महासचिव वाइको ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने भाजपा को उसकी सांप्रदायिक राजनीति के लिए माकूल सबक सिखाया है. राज्यसभा सदस्य वाइको ने कहा कि कर्नाटक को हिंदुत्व की प्रयोगशाला में तब्दील कर दिया गया था. मुस्लिमों के लिए आरक्षण खत्म कर दिया गया था. मक्कल निधी मैयम प्रमुख कमल हासन ने भी राहुल को कर्नाटक में कांग्रेस को मिली जीत को लेकर बधाई दी.सिद्धरमैया 9वीं बार जीते चुनाव
मैसूर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को वरुणा निर्वाचन क्षेत्र में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 46,163 मतों के अंतर से पराजित कर जीत हासिल की. वह नौवीं बार विधायक चुने गए हैं. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, सिद्धरमैया (75) को 1,19,816 वोट जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी और प्रभावशाली लिंगायत नेता वी. सोमन्ना को 73,653 वोट मिले. बहुजन समाज पार्टी का उम्मीदवार 1,075 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहा. पांच बार के विधायक और निवर्तमान राज्य सरकार में आवास मंत्री सोमन्ना को पहली बार बेंगलुरु के गोविंदराज नगर निर्वाचन क्षेत्र से स्थानांतरित कर वरुणा सीट कांग्रेस के मजबूत नेता को चुनौती देने के लिए भेजा गया था.शिवकुमार 8वीं बार बने विधायक
रामनगर (कर्नाटक) : कांग्रेस की कर्नाटक ईकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने वर्ष 1989 से अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखते हुए शनिवार को कनकपुरा सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,22,392 मतों के भारी अंतर से पराजित किया. शिवकुमार लगातार आठवीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, शिवकुमार को 1,43,023 वोट जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जद (एस) प्रत्याशी बी. नागराजू को 20,631 वोट मिले. वहीं, भाजपा उम्मीदवार आर. अशोक 19,753 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. शिवकुमार की जीत का अंतर 2018 की तुलना में अधिक रहा, तब उन्होंने जद (एस) के उम्मीदवार नारायण गौड़ा को 79,909 मतों के अंतर से हराकर इस सीट पर जीती दर्ज की थी.‘बजरंगबली’ की गदा भाजपा पर पड़ी है : संजय राउत
alt="" width="1200" height="800" /> मुंबई : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने शनिवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की पराजय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की हार करार दिया. राउत ने कहा कि बजरंग बली की गदा भाजपा पर पड़ी है. यह मोदी और शाह की हार है. कर्नाटक में जो कुछ हुआ है, ठीक वैसा ही 2024 के लोकसभा चुनाव में भी होगा. कर्नाटक चुनाव के नतीजे अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजों की ओर संकेत कर रहे हैं. आगे भी भारतीय जनता पार्टी का यही हाल होगा. भाजपा का हिंदुत्व का एजेंडा और सांप्रदायिकता के नाम पर विभाजन की नीति नहीं चलने वाली.
कांग्रेसियों ने बांटी मिठाइयां, आतिशबाजी की
alt="" width="467" height="371" /> लातेहार। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने से जिले के कांग्रेसियों में एक नये जोश व ऊर्जा का संचार हुआ. कांग्रेसी लातेहार समेत अन्य प्रखंडों में कांग्रेसियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर व आतिशबाजी कर खुशियां मनायीं. जिला अध्यक्ष मुनेश्वर उरांव ने कहा कि कांग्रेस की यह जीत प्रधानमंत्री मोदी की हार है. प्रधानमंत्री को इस हार की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए. जिला मीडिया प्रभारी पंकज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को जनता ने अपार समर्थन दिया है. इसी का परिणाम कर्नाटक में कांग्रेस की बहुमत से जीती है. जिले के बालुमाथ प्रखंड में कांग्रेसियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर एवं अबीर-गुलाल लगाकर जीत की मुबारकबाद दी. उन्होंने जमकर आतिशबाजी भी की. जिला उपाध्यक्ष हाजी मोतीउर रहमान ने कांग्रेस की इस सफलता का श्रेय राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को दिया. कहा कि भाजपा की समाज को तोड़ने वाली नीतियों के खिलाफ जनता ने जनादेश दिया है. प्रखंड अध्यक्ष आमिर हयात ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी की नीतियों को जनता स्वीकार कर रही है. मौके पर पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मो. जुबैर, एजाज खां, अशोक भुइयां, शाहिद अंसारी और फिरोज कुरैशी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता मौजूद थे.
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जुमलेबाजों का पतन : डॉ. मेहता
हजारीबाग। कनार्टक चुनाव परिणाम में कांग्रेस की जीत पर हजारीबाग में खुशी का माहौल है. कांग्रेस नेता डॉ. आरसी मेहता ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में जुमलेबाजों का पतन हो गया. गरीबों-बेरोजगारों की जीत हुई है. कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम वर्ष 2024 में हिंदुस्तान के सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है. कर्नाटक चुनाव का मुद्दा महंगाई, भ्रष्टाचार, पीड़ित किसान, मजदूर और बेरोजगारी रही. जुमला सुनते-सुनते लोग थक चुके हैं. अब किसान-मजदूर रोटी मांग रहे हैं. बेरोजगार-नौजवानों को नौकरी चाहिए. मंदिर, मस्जिद, राम, रहीम, हिंदुस्तान-पाकिस्तान का मुद्दा गौण हो चुका है.ये दिग्गज हारे
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे ने चित्तपुर में भाजपा के मणिकांत राठौड़ को 13,640 मतों से हराया.
- कानून और संसदीय मामलों के मंत्री जेसीमधुस्वामी (भाजपा) चिकनैकानाहल्ली सीट पर जद (एस) उम्मीदवार सीबी सुरेश बाबू से 10,042 मतों से पराजित हुए.
- स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर (भाजपा) चिक्कबल्लापुरा में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रदीप ईश्वर से 10,642 मतों से हारे.
- परिवहन मंत्री बी श्रीरामुलु (भाजपा) बेल्लारी सीट पर कांग्रेस के बी नागेंद्र से 29,300 मतों से पराजित हो गए.
- कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी (भाजपा) सिरसी सीट पर कांग्रेस के भीमन्ना नाइक से 8,712 मतों से पराजित हुए.
तीसरे पायदान पर फिसल गई जेडी (एस)
बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत हुई है. बीजेपी ने हार मान ली है. जेडी(एस) की किंगमेकर बनने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है क्योंकि वह तीसरे पायदान पर खिसक गई है. जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को कर्नाटक में संभावित किंगमेकर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब पार्टी के पास कोई बड़ी भूमिका नहीं है क्योंकि कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले किंगमेकर चर्चा का विषय बन गया क्योंकि कई एग्जिट पोल ने त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी की थी. जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी सबसे अधिक मांग वाले व्यक्ति थे. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों उन्हें लुभाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अब जेडी (एस) की उम्मीदों पर पानी फिर गया. भाजपा की सीटों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है.5 गारंटी के पक्ष में वोट : खड़गे
बेंगलुरु : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन को जनता जनार्दन की जीत करार दिया. उन्होंने कहा कि लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के खराब प्रशासन और कांग्रेस की पांच गारंटी के पक्ष में वोट किया. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार की गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, लोग खुद खड़े हुए और समर्थन किया. उन्होंने भाजपा के खराब प्रशासन का खिलाफ गुस्से का इजहार करते हुए मतदान किया. यह दिखाता है कि कर्नाटक के मतदाता जाग गए हैं. प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के प्रचार करने तथा धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल करने के बावजूद लोगों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया.किसने क्या कहा
- सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नकारात्मक, सांप्रदायिक, भ्रष्टाचारी, अमीरोन्मुखी, महिला-युवा विरोधी, सामाजिक बंटवारे, झूठे प्रचार वाली, व्यक्तिवादी राजनीति का अंतकाल शुरू हो गया है. ये नए सकारात्मक भारत का सख्त जनादेश है.
- प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि पहले भाजपा के अंत की शुरुआत है. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश चुनाव में भी वह हारेगी. का सामना करना पड़ेगा.
- जदयू के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा ने सभी हथकंडे आजमाए, धार्मिक उन्माद चरम सीमा पर पहुंचाया. प्रधानमंत्री ने पद की गरिमा के विरुद्ध जाकर प्रचार किया, लेकिन कर्नाटक भाजपा मुक्त हुआ. 2024 लोकसभा चुनाव में देश भाजपा मुक्त होगा. -

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