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चिल्लाते रह गए रैयत, मकानों पर चला बुलडोजर, अधिकारी बोले- हम मजबूर हैं

 रैयतों ने लगाया आरोप, नहीं मिला है मुआवजा, विभाग दिखा रहा है तानाशाही Barhi : आखिरकार बरही में सड़क चौड़ीकरण को लेकर एनएच-31 स्थित तिलैया रोड पर विभाग ने सख्ती बरती और शनिवार को कई अतिक्रमित स्थल पर बुलडोजर चलाकर मकान को ध्वस्त कर दिया. रैयत चिल्लाते रहे पर मौजूद अधिकारियों ने किसी की भी नहीं सुनी. अधिकारियों ने कहा कि वह आदेश के तहत मजबूर हैं और समय नहीं दिया जा सकता है. विदित हो कि एनएच-31 पर फोर लेनिंग का काम जारी है. इसे लेकर एनएचएआई तिलैया रोड के रैयतों को मकान खाली करने का कई बार नोटिस दे चुका है. परंतु कुछ रैयतों ने अब तक अपना मकान खाली नहीं किया था. इससे सड़क चौड़ीरकरण में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था.

मुआवजा लेने से रैयतों ने किया इनकार, तो कोर्ट में जमा करा दी गई राशि : मुकेश कुमार

विभाग के पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि रैयतों के मुआवजा का भुगतान होने के बावजूद बार-बार काम में बाधा पहुंचाई जा रही थी. विभाग की ओर से कई बार अपील के बाद भी कुछ लोगों ने मुआवजा नहीं लिया. ऐसे लोगों का मुआवजा कोर्ट के पास जमा किया गया है. वह नियमानुसार कोर्ट से अपना मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं. मात्र 12 कंस्ट्रक्शन ही बचे थे. इस कारण विभाग का लाखो का नुकसान हो रहा था. सड़क निर्माण कार्य बाधित हो रहे थे. आवागमन में परेशानी हो रही थी. इन्हीं 12 संरचनाओं को हटाने के लिए एनएचएआई के अधिकारी, बतौर मजिस्ट्रेट सीआई सतीश कुमार, कोबरा के पीआरओ सह सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार यादव, स्थानीय पुलिस और जिला पुलिस बल के जवान के साथ अतिक्रमित स्थल को खाली करवाने पहुंचे थे. इसका रैयतों ने जमकर विरोध किया. मकान तोड़ने के दौरान छज्जे पर महिलाएं, बच्चे और वृद्ध आ गए. बावजूद अधिकारियों ने जबरन मकान की दीवार ध्वस्त कर जल्दी अन्य हिस्सों को हटाने का निर्देश दिया है. शनिवार को प्रदीप फार्मा, बिनोद केसरी, काशी प्रसाद, मनोज केसरी आदि के घर को हटाने का काम किया गया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/barhi-atikarman_112-300x169.jpg"

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उचित मुआवजा नहीं मिला, जबरन तुड़वाए गए मकान : रैयत

रैयतों ने आरोप लगाया कि विभाग तानाशाह बन चुका है. जबरन मकान तुड़वाए जा रहे हैं. लोगों को अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि विभागीय मापी भी उचित नहीं है. कुछ के मकान और जमीन का मुआवजा के लिए पंचाट में नाम भी नहीं है, बावजूद मकान तोड़ दिया गया है. ऐसे में मुआवजा कैसे मिलेगा, अधिकारी भी कुछ नहीं बताते हैं.

सभी को निर्धारित मुआवजा राशि भेजी जा चुकी है : सीओ

मामले को लेकर सीओ अरविंद देवाशीष टोप्पो ने बताया कि विभाग ने मुआवजा भुगतान संबंधित दस्तावेज भेजा है. सभी को निर्धारित मुआवजा राशि भेजी जा चुकी है. फिर भी यदि किसी को कोई परेशानी हो, तो नियम सम्मत कार्रवाई करें. कंस्ट्रक्शन हटाने के बाद भी रैयत मुआवजा ले सकते हैं. उन्होंने बताया कि प्रशासन सदैव जनता के हित में ही कार्य करती है. कार्य बाधित न करें क्योंकि कार्य होना तय है. सड़क नहीं बनने से आए दिन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें : सौ">https://lagatar.in/hundred-acres-of-government-land-occupied-by-land-mafia-plotting-and-selling-land/">सौ

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