Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

झारखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका-सहायिका सरकारी नहीं, केवल मानदेय पर कार्यरत कर्मचारी है, सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

Advertisement
Advertisement
Ranchi :  झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन जेएमएम विधायक सीता सोरेन ने सदन में झारखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत सेविका-सहायिका का मुद्दा उठाया. उन्होंने तारांकित प्रश्न के माध्यम से पूछा कि क्या वे सरकारी कर्मचारी नहीं है. इस पर महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने जवाब देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका सरकारी कर्मचारी नहीं है, बल्कि वे मानदेय पर कार्यरत कर्मचारी है. जिसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसे भी पढ़ें - लोबिन">https://lagatar.in/lobin-hembram-surrounded-his-own-government-said-shibu-kept-fighting-for-prohibition-it-is-shameful-if-hemant-government-sells-liquor/">लोबिन

हेंब्रम ने अपनी ही सरकार को घेरा, कहा- शिबू शराबबंदी के लिए लड़ते रहे, हेमंत सरकार शराब बेचेगी तो शर्मनाक है

कई जिलों  के पोषण सखी को 9 महीने से मानदेय नहीं मिला

सीता सोरेन ने पूछा कि 2016- 2021 तक सेविका-सहायिका का बकाया व पोषाहार की राशि भुगतान कर दिया गया है. वहीं कोडरमा, धनबाद, चतरा, गिरिडीह के पोषण सखी को 9 महीने से मानदेय नहीं मिला है. इस पर विभाग ने कहा है कि 2016 से 2021 तक आंगनबाड़ी सेविका सहायिका की बकाया भुगतान की स्थिति विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नगण्य हैं. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त आंगनबाड़ी पोषण सखी का मानदेय बंद कर दिया गया है. इस स्थिति में पोषण सखी के मानदेय की कार्रवाई लंबित है. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-assembly-irfan-ansari-asked-how-many-irrigation-wells-were-constructed-in-mnrega-alamgir-alam-said-6225/">झारखंड

विधानसभा : इरफान अंसारी ने पूछा- मनरेगा में कितने सिंचाई कूपों का हुआ निर्माण, आलमगीर आलम ने कहा- 6225 [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही