Ranchi: राजधानी के निवासी जल संकट और गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. लेकिन नगर निगम इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है. पीने के पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है, वहीं सप्लाई का पानी भी दूषित और बदबूदार आ रहा है. अपर बाजार के स्ट्रीट लाइन रोड के प्रमोद भगत ने बताया कि 2018 में बोरिंग कराया गया था और 2019 में 2000 लीटर की सिंटेक्स टंकी लगाई गई थी. इस टंकी से 8-10 घरों के लोग पानी का उपयोग करते हैं. लेकिन जब से सिंटेक्स टंकी लगाई गई है, तब से इसकी सफाई नहीं हुई है. इसके अलावा बिजली कनेक्शन काट दिए जाने के कारण पंप से पानी भरने में भी परेशानी हो रही है. सिंटेक्स टंकी के सामने लगा चापाकल एक साल से खराब पड़ा है. सिंटेक्स में पानी भरने के लिए घर से कनेक्शन जोड़ना पड़ता है. इसके लिए अलग से सिंटेक्स के सामने बोर्ड भी लगाया गया है. चापाकल से गर्मी में ही नहीं, बारिश के दिनों में भी पानी नहीं आता है. राहगीर और स्थानीय लोग सिंटेक्स से भरकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं. इलाके में जल संकट के साथ-साथ अंधेरे की समस्या भी बनी हुई है. दो पोलों पर लगी स्ट्रीट लाइट तीन साल से खराब पड़ी है. स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं किया गया. इसे भी पढ़ें -पूछताछ">https://lagatar.in/garrison-engineer-remanded-for-four-days-for-interrogation/">पूछताछ
के लिए गैरिसन इंजीनियर चार दिनों के रिमांड पर
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alt="" width="600" height="400" /> वार्ड 19 की निवासी पदमा कर्मकार ने बताया कि नगर निगम का सप्लाई पानी आता है, लेकिन यह पानी पीने योग्य नहीं होता है. शुरुआत में सप्लाई पानी काफी गंदा और बदबूदार रहता है. पहले दो-चार बाल्टी भरकर फेंकना पड़ता है. इसके बाद जो पानी बाल्टी में भरते हैं, उसका उपयोग बर्तन धोने, कपड़े धोने और नहाने में किया जाता है. जार के पानी से प्यास बुझानी पड़ती है. इसकी कीमत 15 रुपये तक हो गई है. एक जार पानी केवल दो दिन चलता है, जिससे चार लोग ही पीते हैं.
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के लिए गैरिसन इंजीनियर चार दिनों के रिमांड पर
शुरुआत का सप्लाई पानी निकलता है गंदा
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alt="" width="600" height="400" /> वार्ड 19 की निवासी पदमा कर्मकार ने बताया कि नगर निगम का सप्लाई पानी आता है, लेकिन यह पानी पीने योग्य नहीं होता है. शुरुआत में सप्लाई पानी काफी गंदा और बदबूदार रहता है. पहले दो-चार बाल्टी भरकर फेंकना पड़ता है. इसके बाद जो पानी बाल्टी में भरते हैं, उसका उपयोग बर्तन धोने, कपड़े धोने और नहाने में किया जाता है. जार के पानी से प्यास बुझानी पड़ती है. इसकी कीमत 15 रुपये तक हो गई है. एक जार पानी केवल दो दिन चलता है, जिससे चार लोग ही पीते हैं.
नगर निगम की लापरवाही, लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम केवल खराब बोरिंग की मरम्मत करता है, लेकिन सफाई और पानी की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं देता. दूषित पानी से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं. स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि नगर निगम जल्द से जल्द पानी की समस्या का समाधान करे, टंकी की सफाई करवाए और खराब चापाकल व स्ट्रीट लाइट की मरम्मत कराए. इसे भी पढ़ें -RFID">https://lagatar.in/action-will-be-taken-on-removing-rfid-tag-ranchi-municipal-corporation-warns/">RFIDटैग हटाने पर होगी कार्रवाई: रांची नगर निगम की चेतावनी
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