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झारखंड में बेरोजगारी की स्थिति दिनों-दिन होती जा रही गंभीरः बाबूलाल

 
Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड में बेरोजगारी की स्थिति दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है. श्रम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में तीन लाख 44 हजार 823 लोग नौकरी की तलाश में हैं. जिनमें दो लाख 45 हजार 420 पुरुष और 99,382 महिलाएं शामिल हैं. यह आंकड़े राज्य में रोजगार संकट की गंभीरता को दर्शाते हैं, लेकिन सरकार की ओर से इसे दूर करने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.

बेरोजगार युवा राज्य से पलायन कर रहे हैं

बेरोजगार युवा राज्य से बाहर पलायन करने के लिए मजबूर हैं या फिर निराशा में घिरकर अस्थायी और कम वेतन वाली नौकरियों को अपनाने के लिए विवश हैं. राज्य में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. लाखों युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए भी उपयुक्त नौकरियों का अभाव बना हुआ है. सरकारी भर्तियां या तो स्थगित हो जाती हैं या फिर पारदर्शिता की कमी के कारण विवादों में घिर जाती हैं. बढ़ते अपराध और निजी क्षेत्र में उद्योगों की सीमित संख्या के कारण रोजगार के अवसर बेहद कम सृजित हो रहे हैं.

नियोजन कार्यालय सिर्फ बेरोजगारों के पंजीकरण तक ही सीमित

नियोजन कार्यालय सिर्फ बेरोजगारों के पंजीकरण तक ही सीमित रह गए हैं और नौकरी दिलाने की उनकी भूमिका लगभग शून्य हो गई है. सरकार की बेरोजगारी के प्रति उदासीनता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. सीएम पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से रोजगार सृजन और नौकरी उपलब्ध कराने के प्रयास करें, ताकि हमारे युवा झारखंड के विकास में योगदान देने के साथ-साथ सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें. इसे भी पढ़ें – प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/pm-modis-meeting-with-mohammad-yunus-is-in-discussion-no-one-saw-any-warmth/">प्रधानमंत्री

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