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आज दोपहर कुछ मिनटों तक सूरज किसी भी चीज का शैडो नहीं बनायेगा...

NewDelhi : आज घरती पर एक अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. दोपहर में कुछ मिनटों तक सूरज किसी भी चीज का शैडो (जीरो शैडो डे) नहीं बनायेगा. एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया (ASI) की गणना यही कहती है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह घटना उष्णकटिबंधीय इलाकों में साल में दो बार होती है. इस समय सूर्य सिर के ठीक ऊपर अपने उच्चतम बिंदु पर होता है. सूरज की किरणें छाया तो बनाती हैं, लेकिन वो किसी इंसान या ऑब्जेक्ट के ठीक नीचे होता है. इससे ऐसा प्रतीत होता है कि छाया नही बनी है, जबकि ऐसा होता नहीं. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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सोमवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में जीरो शैडो डे देखा गया

यह नजारा हमेशा कर्क और मकर रेखा के बीच आने वाले इलाकों में दिखता है. इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए, सूर्य का झुकाव उत्तरायण और दक्षिणायन दोनों के बीच उनके अक्षांश के बराबर होगा. बेंगलुरु मे यह नजारा दिखेगा. खबर है कि सोमवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में जीरो शैडो डे देखा गया है . लेकिन यह घटना केवल एकाध सेकंड या इससे भी कम होती है, हासांकि इसका असर डेढ़ मिनट तक रह सकता है.

ऐसा होने कारण क्या है

जान लें कि धरती का घूर्णन अक्ष सूर्य की तरफ लगभग 23.5 डिग्री पर झुका हुआ है. इसी कारण मौसम बदलते हैं. सूरज दिन के अपने उच्चतम पॉइंट पर, भूमध्य रेखा के 23.5 डिग्री दक्षिण से भूमध्य रेखा (उत्तरायण) के 23.5 डिग्री उत्तर दिशा की ओर जाता है और एक साल में फिर दक्षिणायन की ओर लौट आता है. इसी घूर्णन के चलते, एक जीरो शैडो डे तब आता है, जब सूर्य उत्तर की तरफ बढ़े, और दूसरा तब आता है, जब सूर्य दक्षिण की तरफ जाये. साल में दो बार जीरो शैडो डे पड़ने की यही वजह होती है.

आखिर परछाई क्यों बनती है

सभी जानते हैं कि सूरज की किरणें किसी भी ऑब्जेक्ट (इंसान या जानवर या कोई वस्तु ) को पार नहीं कर पाती. जब किरणें नीचे की तरफ आती हैं तो ऑब्जेक्ट से टकराती तो हैं, लेकिन उससे पार नहीं जा पातीं. उस समय रुकी हुई रोशनी वाले हिस्से पर परछाई-नुमा अंधेरा छा जाता है. यही छाया (शैडो) है.रोशनी की कमी परछाई कहलाती है.

क्यों आग की नहीं बनती परछाई

हर चीज की परछाई बनती है, लेकिन आग की क्यों नहीं बनती? एक्सपर्ट के अनुसार,आग खुद एक रोशनी है. उसपर दूसरी रोशनी पड़ने से वह आरपार हो जाती है. इस कारण आग की परछाई नजर नहीं आती. [wpse_comments_ template]

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