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रूक्का प्लांट के ऑपरेशन-मेंटेनेंस का कार्य देख रही एजेंसी, पेयजल विभाग और जेबीवीएनएल के बीच खींचतान,  पिस रही आम जनता...

 पिछले दिनों बूटी में तीन घंटे बिजली नहीं रही , शनिवार को दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण रूक्का प्लांट के कर्मियों ने काम बंद किया पेयजल विभाग की पहल पर कर्मी एक घंटे में काम पर लौटे, जेबीवीएनएल के अफसर भी पहुंचे बूटी और रूक्का  Ranchi : पेयजल विभाग, जेबीवीएनएल और रूक्का प्लांट के ऑपरेशन-मेटेनेंस का कार्य देख रही एजेंसी की आपसी खींचतान के कारण आम पब्लिक पिस रही है. पिछले दिनों बूटी जलागार में तीन घंटे बिजली नहीं रहने के कारण रूक्का से वाटर ट्रीटमेंट कार्य ठप रहा. जिसके कारण शुक्रवार को टाऊन लाइन से आपूर्ति किये जाने वाले बड़े इलाके में पानी की  सप्लाई नहीं हो सकी. इसके बाद शनिवार सुबह अचानक रूक्का प्लांट में एजेंसी के अधीन  कार्य कर रहे करीब 50 कर्मचारियों ने दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण काम ठप कर दिया. मामला बिगड़ने पर पेयजल विभाग रूक्का-बूटी डिविजन के ईई चंद्रशेखर प्लांट में पहुंचे.

कार्यपालक अभियंता ने काम ठप होने की बात से साफ इनकार किया 

उन्होंने कर्मियों से वार्ता की. आश्वासन दिया कि अगर एजेंसी पैसों का भुगतान नहीं करती है तो विभाग अपने स्तर से इसकी व्यवस्था करेगा. काफी-समझाने बुझाने के बाद कर्मी मान गये और काम पर लौट आये. हालांकि कार्यपालक अभियंता ने काम ठप होने की बात से साफ इनकार कर दिया. बताया कि वे(कर्मचारी) मीटिंग कर काम बंद करने प्लान बना रहे थे, जिसकी सूचना मिलने पर बाद हम लोग प्लांट पहुंच गये. कहा कि प्लांट में पानी ट्रीटमेंट कार्य सामान्य रूप से चल रहा है.

गुजरात की कंपनी का टर्म हो चुका है पूरा, हैंडओवर भी नहीं किया, विभाग पर दबाव डालने का प्रयास

गुजरात की कंपनी एपीसीएल को ऑपरेशन और मेटेंनेंस कार्य तीन साल के लिए दिया गया है. जिसकी कार्यावधि 10 जून के समाप्त हो चुकी है. विभाग ने कंपनी को तीन साल के लिए प्रति वर्ष 9 करोड़ यानि 27 करोड़ में काम सौंपा है. कपंनी का काम प्लांट से वाटर ट्रीटमेंट कर विभिन्न लाइनों से जलमीनारों तक पानी पहुंचाना है. साथ ही राइजिंग और डिस्ट्रब्यूशन पाइप लाइनों का ऑपरेशन और मेटेनेंस कार्य करना है. बताया जाता है कि यह कंपनी तीन साल में अपने कार्य को जिम्मेवारी के साथ पूरा करने में विफल रही है. मिली जानकारी के अनुसार कंपनी का कोई आदमी रांची में नहीं रहता है, केवल एक प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर एक आदमी को बैठा दिया गया है.   जो अपनी जिम्मेवारी निभा पाने में अक्षम है. अब कंपनी फिर से उसे ही काम मिले,  उसके लिए कर्मियों का वेतन रोकने जैसे हथकंडे अपना क  दबाव बनाने का प्रयास कर रही है.

जेबीवीएनएल के अफसर पहुंचे रूक्का प्लांट, बिजली समस्या से किया इनकार

बिजली समस्या उत्पन्न होने की बात सामने आने के बाद जेबीवीएनएल के रांची एसई डीके सिंह, कोकर ईई गौरव कुमार रूक्का प्लांट पहुंचे. इन अफसरों ने प्लांट की बिजली आपूर्ति और समस्या को लेकर निरीक्षण किया. इसके पूर्व कोकर ईई गौरव कुमार बूटी जलागार भी गये थे, जहां उन्होंने जलागार के बिजली वोल्टेज का निरीक्षण किया . इसके बाद  इन अफसरों ने बताया कि पिछले दिनों बूटी जलागार में कुछ समस्या आयी थी,  लेकिन बिजली आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है. अगर कोई मेजर समस्या उत्पन्न न हो तो पानी से संबंधित प्लांटों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति की जाती है. कहीं कोई समस्या नहीं है.

ईई जेबीवीएनएल गौरव कुमार ने कहा

गौरव कुमार  ( ईई जेबीवीएनएल) ने कहा पिछले दिनो बूटी में कुछ समस्या आयी थी. लेकिन अभी बूटी और रूक्का में बिजली आपूर्ति भी सामान्य है और वोल्टेज भी सामान्य है.  पेयजल विभाग के इंजीनियरों से कहा गया है कि अगर किसी प्रकार की बिजली की समस्या हो तो दोनों विभाग आपसी तालमेल बनाकर काम कार्य करें,  तो कोई परेशानी नहीं आयेगी.

पेयजल विभाग के अफसर चंद्रशेखर ने कहा

पेयजल विभाग के अफसर चंद्रशेखर (ईई, रूक्का) ने कहा कि बूटी में कल समस्या आयी थी. रूक्का में बिजली ट्रिपिंग होती रहती है. वोल्टेज की भी समस्या रहती है. रही बात कर्मियों द्वारा काम ठप करने की तो उनसे बात हो गयी है और प्लांट ठप नहीं हुआ है. प्लांट से पानी ट्रीटमेंट का काम सामान्य रूप से चल रहा है. एजेंसी ने अभी तक काम हैंडओवर नहीं किया है. जब तक वह पैसे का पूरा भुगतान कर्मियों को नहीं करती है, उसे एनओसी नहीं मिलेगी. अगर एजेंसी कर्मियों को पैसा नहीं देती है तो विभाग उसका भुगतान करेगा. [wpse_comments_template]

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