Ranchi : डिबरा से दो जून की रोटी जुगाड़ करने वाले ग्रामीणों के मर्म पर आधारित फिल्म ‘THE UGLY SIDE OF BEAUTY’ का पुरूलिया रोड स्थित XISS सभागार में रविवार को सार्वजनिक प्रदर्शन किया गया.इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक दीपक बाड़ा ने कहा कि इस फिल्म के निर्माण में टीम को काफी चुनौती का समना करना पड़ा. यह फिल्म उन हजारों लोगों की आजीविका के मर्म को उजागर करती है, साथ ही अभ्रक खनन कार्य में जुड़े ग्रामीणों का सालो से हो रहे शोषण को भी दर्शाती है. वक्ताओं ने इम मामले में सरकार को नीति निर्धारित करने की बात कही. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विनोबा भावे के पूर्व कुलपति रमेश शरण ने कहा कि यह एक बड़ी आबादी की आजीविका से जुड़ा विषय है. सरकार को इस पर नीति निर्धारण करनी चाहिए. जिससे अभ्रक पर आधारित समुदाय के स्वास्थ्य,शिक्षा, रोजगार संकट जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो. कार्यक्रम को दयामणि बारला, प्रभाकर तिर्की, रतन तिर्की, अशोक वर्मा ,प्रवीण कुमार, मिनहाज अख्तर, आनंद तथा मरांडी ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के जाने-माने लोग मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन जेरोम जराल्ड कुजूर ने किया. इसे भी पढ़ें-चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-birth-anniversary-of-pandit-jawaharlal-nehru-celebrated-in-congress-bhawan/">चाईबासा
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क्या है फिल्म में
‘THE UGLY SIDE OF BEAUTY’ फिल्म 48 मिनट की है. यह फिल्म झारखंड के कोडरमा, गिरिडीह जिलों में अवैध ढंग से हो रहे अभ्रक खनन पर आधारित है. फिल्म के जरिए इन क्षत्रों में रह रहे वंचित समुदाय के बारे में बताया गया है. फिल्म में ये लोग किस तरह अपने परिवार के साथ मिलकर अभ्रक खनन और ढिबरा चुनने का काम करते हैं, इसे दिखाया गया है. यह फिल्म मुख्य रूप से अभ्रक खनन और सौंदर्य प्रसाधन उद्योग पर आधारित है, जिसमें खनन पर निर्भर समुदाय और इस व्यापार के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक पहलुओं को गहराई से दिखाया गया है. फिल्म में मुख्य रूप से आदिम जनजाति से आने वाले बिरहोर समुदाय कैसे जंगल में अस्थायी झोपड़ियां बनाकर ढिबरा चुनने का काम करते हैं यह भी दिखाया गया है. साथ ही सरकार की मूलभूत सुविधाओं से वंचित यह समुदाय कैसे खेती के अभाव में इन कामों को करने के लिए मजबूर है, इसे भी दर्शाया गया है. इसे भी पढ़ें-नई">https://lagatar.in/decision-to-work-together-on-new-education-policy/">नईशिक्षा नीति पर मिल जुल कर काम करने का निर्णय
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