Saurav Singh Ranchi : झारखंड के जेल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक के बाद ही संगठित अपराध पर लगाम लग पायेगी. पूरे झारखंड में 31 जेल हैं. जिनमें सात सेंट्रल, 17 जिला और छह अनुमंडल कारा है. एक ओपेन जेल हजारीबाग में है. इन जेल में कई छोटे बड़े अपराधी बंद है. जो जेल में रहकर कारोबारियों से रंगदारी मांगने का काम कर रहे हैं. जेल में बंद अपराधी रंगादारी नहीं देने पर हत्या जैसे घटनाओं को अंजाम भी दिला रहे हैं. समय-समय कई हत्या और रंगदारी मांगने की घटनाएं सामने आ चुकी है, जिसके कनेक्शन जेल से जुड़े थे. वहीं जेल में जाे जैमर लगे हैं, वाे 2जी नेटवर्क पर ही प्रभावी है. वहीं अपराधी 4जी और 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर माेबाइल ऐप से व्यापारियाें और अपने गुर्गाें से लगातार संपर्क में हैं. जैमर को जब तक अपग्रेड नहीं किया जायेगा, तब तक इस पर लगाम नहीं लगेगा. कुछ दिन पहले एटीएस की टीम ने सिमडेगा जेल में छापेमारी कर अमन साहू गिरोह के अपराधी के पास से मोबाइल भी बरामद किया था.
सात आपराधिक गिरोह पुलिस के लिए चुनौती :
- – अमन साहू गिरोह (जेल में) : रांची, लातेहार, रामगढ़ और हजारीबाग.
- – प्रिंस खान गिरोह (फरार) : धनबाद, बोकारो.
- – विकास तिवारी गिरोह (जेल में) : रामगढ़.
- – अमन श्रीवास्तव गिरोह (जेल में) : रामगढ़, हजारीबाग.
- – सुजीत सिन्हा गिरोह (जेल में) : लातेहार और पलामू.
- – अखिलेश सिंह गिरोह (जेल में) : जमशेदपुर और सरायकेला.
- – सुधीर दुबे गिरोह (जेल में) : जमशेदपुर और सरायकेला.
- – डब्लू सिंह गिरोह (फरार) : पलामू.
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