विभागीय लापरवाही
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/06/bwo-gorai-ji_842-272x204.jpg"
alt="" width="272" height="204" />
- कक्षा 8 में पढ़ रहे जमशेदपुर जिले के 17214 छात्रों को दी जानी हैं साइकिलें
- प्रखंड कार्यालय परिसर में गोदाम नहीं होने के कारण खुले आसमान के नीचे रखवाए गए साइकिल के पार्ट्स
- प्रखंड कल्याण पदाधिकारी का आरोप-आपूर्तिकर्ता एजेंसी ने नहीं किया तिरपाल या कोई अन्य उपाय
- प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों ने भी अबतक नहीं भेजी स्कूलवार लाभुक छात्र-छात्राओं की सूची
जमशेदपुर प्रखंड को मिली है 2230 साइकिलें
इस योजना के लिए एजेंसी का चयन राज्य मुख्यालय स्तर पर किया गया है. कार्यकारी एजेंसी को जिले के सभी प्रखंडों में साइकिल के पार्ट्स पहुंचाने और उन्हें असेंबल करने की जिम्मेदारी दी गयी है. इसके बाद एजेंसी ने सभी जिलों में ट्रकों में भर-भरकर पार्ट्स एवं असेंबल करने वाले एक्सपर्ट्स भेज दिये हैं, लेकिन विभागीय स्तर से लेट-लतीफी के कारण साइकिलें असेंबल नहीं हो रही हैं. जमशेदपुर प्रखंड को कुल 2230 साइकिलें मिली हैं. इनमें से 1149 छात्रों और 1081 छात्राओं के बीच इसका वितरण किया जाना है.बीईईओ ने नहीं भेजी अब तक सूची
खुले आसमान के नीचे उन्नति का पहिया रखे जाने के संबंध में जमशेदपुर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी मनेश चंद्र गोराई ने कहा कि इतनी संख्या में आये सामान (पार्ट्स) को रखने के लिए यहां गोदाम नहीं है. इस वजह से मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रखा गया है. पार्ट्स की डिलीवरी करने वाली एजेंसी को धूप और बारिश से बचाव के लिए तिरपाल या अन्य उपाय करने चाहिए थे. लेकिन उसने इससे पल्ला झाड़ लिया. उन्होंने कहा कि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (बीईईओ) से स्कूलवार सूची मांगी गयी है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक सूची उपलब्ध नहीं करायी गयी है.alt="" width="272" height="204" />
Leave a Comment