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नशे की गिरफ्त में शहर के युवा, अपराध की दुनिया में रख रहे कदम

Gaurav Prakash Hazaribagh : हजारीबाग शहर के युवा इन दिनों नशे की गिरफ्त में हैं. इस नशे का आदी होकर युवा पीढ़ी अपराध की दुनिया में कदम रख रही है. शहर के पेलावल, शिवपुरी, खीरगांव, बाड़ बाजार, मटवारी, कटकमसांडी, पगमल आदि इलाके के युवाओं को नशे की लत लग चुकी है. कई ऐसे घर हैं, जो नशे के कारण तबाह हो गए हैं. खासकर कॉलेज और स्कूल के विद्यार्थी नशे के सौदागरों के चंगुल में फंसे हैं. नशे के कारोबारी उन्हें नशीले पदार्थ का सेवन करा रहे हैं और अपना मतलब साध रहे हैं. कॉलेज के आसपास के इलाके में कई ऐसे गोरखधंधा करने वाले अपराधी घूमते रहते हैं, जो बड़े आराम से उन्हें ड्रग्स से लेकर हेरोइन तक सप्लाई कर रहे हैं. कम उम्र के युवक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि यह ड्रग्स उनकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है. कनहरी के सुनसान इलाकों में युवा नशा का सेवन करते सहज देखे जा सकते हैं. यही नहीं यह भी जानकारी है कि रात होने पर बच्चे घर पर भी ड्रग्स ले रहे हैं.

पहले कम मूल्य पर देकर बनाते हैं आदि

पुलिस भी इस बात को लेकर बेहद सतर्क है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पहले बेहद कम मूल्य पर ड्रग्स उपलब्ध कराए जाते हैं. जब युवक ड्रग्स का आदी हो जाता है, तो उसे 800 रुपए पुड़िया में उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में युवक अपराध की दुनिया में चला जाता है. चोरी, छिनतई आदि उसकी प्रवृत्ति में आ जाती है . यही नहीं ड्रग्स की फिराक में कभी-कभी बड़ी वारदात को भी अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे.

एक साल में पकड़ाए तीन दर्जन से अधिक कारोबारी

हजारीबाग पुलिस ने पिछले एक साल में ड्रग्स कारोबारियों के खिलाफ जबरदस्त अभियान भी चलाया. तीन दर्जन से अधिक लोग रंगे हाथ पकड़े गए और सलाखों के पीछे भेजे गए. लेकिन जेल से ये बेल पर निकल कर फिर से नशे के सामान की ढुलाई और कालाबाजारी करनी शुरू कर दी. यह कारोबार पुलिस के लिए भी चुनौती बन गई.

एजेंट के जरिए उपलब्ध कराते हैं नशे का सामान

हजारीबाग में नशे के व्यापारी अपने एजेंट के जरिए नशा का सामान उपलब्ध कराते हैं. यही कारण है कि अब तक कोई बड़ा व्यापारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा. पहले हजारीबाग में गांजे की बिक्री अधिक हुआ करती थी. लेकिन धीरे-धीरे गांजे की जगह अब ब्राउन शुगर और हेरोइन ने ले ली. नशे की दवाइयों का कारोबार भी धड़ल्ले से हजारीबाग में फल-फूल रहा है. इसकी चपेट में नाबालिग बच्ची और स्कूली छात्र-छात्राएं भी आ रही हैं.

10 माह में 4 करोड़ रुपए का गांजा जब्त, 16 नशेड़ी गिरफ्तार

15 जुलाई 2022 को बड़ा बाजार पुलिस ने 20 लाख रुपए से अधिक के 56 किलो गांजा के साथ तीन पेडलर को गिरफ्तार किया था. 27 अगस्त 2022 को ₹10 लाख के 24 किलो गांज के साथ कारोबारी गिरफ्तार किए गए थे. 22 जनवरी 2022 को ₹50 लाख का गांजा पीके वैन के साथ बरामद किया गया था और दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. 12 जनवरी 2023 को बड़ा बाजार पुलिस ने 35 किलो गांजा बरामद किया, जिसका मूल्य ₹50 लाख था. साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार किया. दो जनवरी 2023 को दो करोड़ मूल्य के 19 किलो अफीम और ₹13000 नगद बरामद किया गया था. पांच महीने में लगभग 80 लाख रुपए के ब्राउन शुगर भी हजारीबाग में जब्त किए गए. दो दिसंबर 2022 को 300 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ चार लोग पकड़े गए, जिसकी कीमत ₹12 लाख रुपए आंकी गई. 27 जून 2022 को 500 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई, जिसकी कीमत 60 लाख थी. 22 सितंबर 2022 को 40 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. ब्राउन शुगर की कीमत 10 लाख रुपए आंकी गई.

एक साल में जब्त किया गया चार करोड़ रुपए का डोडा

इतना ही नहीं पुलिस ने पिछले एक साल में चार करोड़ रुपए का डोडा भी पकड़ा. 29 अप्रैल 2021 को 160 बोरा डोडा लदा ट्रक पुलिस ने जब्त किया. इसमें तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई. इसमें तीन करोड़ से अधिक का डोडा जब्त किया गया. लेकिन आज तक यह पता नहीं चल पाया कि डोडा उठाया कहां से गया था और कहां खपाने की योजना थी. 27 जनवरी 2022 को 14 बोरी में 1.30 क्विंटल डोडा के साथ पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार किया था, जिसकी कीमत ₹30 लाख रुपया आंकी गई थी.

नशे के खिलाफ समाज को आगे आने की जरूरत : नमूद आलम खान

नशे के खिलाफ मुहिम छेड़नेवाले अल्फलाह कमेटी के अध्यक्ष नमूद आलम खान ने कहा कि यह आंकड़े बताते हैं कि हजारीबाग में नशा के व्यापारियों का जड़ बहुत दूर तक फैला हुआ है. प्रशासन और उनकी तरह कई समाजसेवी संगठन नशे के व्यापारियों के खिलाफ मुहिम भी चला रखा है. स्कूल के बच्चों और मुहल्ले के युवाओं को नशे के बारे में जानकारी भी दी जा रही है कि नशा हमारे जीवन के लिए बेहद खतरनाक है. इसके बावजूद नशा का व्यापार थम नहीं रहा है. ड्रग्स समेत सभी नशे के पदार्थों से बचने के लिए अब समाज को आगे आने की जरूरत है ताकि नशे के कारोबार को रोका जा सके, नहीं तो यह गोरखधंधा आने वाली पीढ़ी को नेस्तनाबूद कर देगी.

बच्चों पर ध्यान देने और काउंसिलिंग की जरूरत : एसपी

हजारीबाग पुलिस कप्तान मनोज रतन चौथे बताते हैं कि नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है. पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं. सभी थाने को नशीले पदार्थ की तस्करी को रोकने के लिए निर्देश भी दिया गया है. पुलिस के साथ-साथ अभिभावकों की भी जिम्मेवारी है कि वह अपने बच्चों पर ध्यान रखें. अगर कोई बच्चा ऐसा प्रतीत होता है कि वह नशे की दुनिया में जा रहा है तो उससे बैठ कर बात करें और काउंसिलिंग भी करें, ताकि वह गलत रास्ते में नहीं जाए. नशा मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस और अभिभावक दोनों को मिलकर काम करना होगा. वहीं उन्होंने युवाओं से अपील भी की कि कि वह अपने करियर के प्रति ध्यान दें. नशा करियर बनाने में सबसे बड़ी बाधा है. इसकी समझ युवाओं को होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें : अफसरशाही">https://lagatar.in/bureaucracy-people-keep-visiting-government-offices-officials-absent/">अफसरशाही

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