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फिर मुश्किल में फंस सकते हैं सहाराश्री सुब्रत रॉय, निवेशकों ने सामूहिक FIR के लिए डोरंडा थाना में दिया आवेदन

Ranchi : सहारा इंडिया कंपनी के नाम पर लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले सहाराश्री सुब्रत रॉय के खिलाफ डोरंडा थाना में सामूहिक एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है. इस दौरान डोरंडा थाना में दर्जनों लोग नारेबाजी करते नजर आए. लोगों ने कहा कि उनकी जीवन की गाढ़ी कमाई, जो उन्होंने अपने उज्जवल भविष्य के लिए रखे थे, डूब चुकी है. बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद पैसे लौटाने को लेकर आदेश भी जारी हुए थे, जिस आधार पर फिलहाल सुब्रत रॉय पैरोल पर हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/341.jpg"

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2016 से ही पैरोल पर हैं सहारा श्री सुब्रत रॉय

निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में फंसे सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2016 से जेल से बाहर हैं. कोर्ट ने उन्हें चार हफ्ते की पैरोल पर रिहा किया था, सुब्रत रॉय को पैरोल अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए मिली थी. हालांकि उनकी पैरोल को लेकर अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है 2016 से वह लगातार जेल से बाहर हैं.
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कंपनी रजिस्ट्रार ने भी की थी जांच

कंपनी रजिस्ट्रार, मुंबई ने इन शिकायतों की जांच की थी और 14 अगस्त, 2018 को केंद्र सरकार से सहारा की कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू करने की सिफारिश की थी. इनमें सहारा क्यू शॉप यूनीक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड, सहारा क्यू गोल्ड मार्ट लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन शामिल हैं. 31 अक्टूबर 2018 को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने इस मामले की जांच का जिम्मा एसएफआईओ को सौंपा था. एजेंसी ने जांच में पाया कि सहारा इंडिया कामर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड, सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने हाई रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से क्रमश: 14,100 करोड़, 17500 करोड़ और 19,400 करोड़ रुपये जुटाए थे. इस तरह विभिन्न स्कीमों के जरिए निवेशकों से करीब 50,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे.

भीख मांगने वालों ने भी लगाये थे पैसे

गौर किया जाए तो सहारा ने सबसे ज्यादा निचले तबके को प्रभावित किया. ठेले- खोमचे से लेकर भीख मांगने वाले भी इस जाल में फंसे नजर आए. रांची में मेन रोड स्थित हनुमान मंदिर में एक दिव्यांग महिला जिसने भीख मांग कर डेढ़ लाख रुपए जुटाये थे, ने सहारा में निवेश किया. उसके भी पैसे फंसे हैं. उक्त महिला का कहना है कि उसकी बेटी शादी के लायक हो चुकी है. एक- एक रुपया भीख मांग कर जुटाए थे, अब वापस नहीं मिल रहे, तो अब जाएं कहां?
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