झारखंड में डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. चाहे रामनवमी जैसे धार्मिक आयोजन का मौका हो या शादी-ब्याह का. शादी ब्याह में भी रात के 10.30 बजे के बाद डीजे बजाने पर रोक है. झारखंड में डीजे बजाने पर ठीक उसी तरह रोक है, जिस तरह पड़ोस के राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओड़िसा या दक्षिण भारत के राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना में है. लेकिन झारखंड में रोक की वजह से भाजपा विधायकों का कलेजा फट रहा है.
अब आते हैं झारखंड में डीजे बजाने पर प्रतिबंध कब और किसके आदेश पर लगा, यह जानते हैं. 19 सितंबर 2023 को झारखंड हाईकोर्ट ने रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक डीजे बजाने पर रोक लगायी. साथ ही अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में साइलेंस जोन घोषित किया. इसके बाद 16 जुलाई 2024 को झारखंड सरकार ने जुलूस, समाराहों या सार्वजनिक आयोजनों में रात में डीजे बजाने पर रोक लगा दी. इस तरह अगर भाजपा विधायकों को इस पर आपत्ति है, तो सरकार को हिंदुत्व विरोधी बताने के बदले उन्हें हाईकोर्ट में जाना चाहिए.
रही बात कानून के अनुपालन की, तो हमारा समाज बहुत सारे कानूनों की परवाह नहीं करता. चाहे ड्राइविंग लाइसेंस की बात हो, ट्रैफिक उल्लंघन की, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने की, सड़क जाम करने की, जुलूस के दौरान तोड़फोड़ करने की. हम हर मौके पर कायदे-कानून को तोड़ते नजर आते हैं. यही बात डीजे बजाने पर भी लागू होता है. ना सिर्फ धार्मिक आयोजनों के दौरान बल्कि शादी-ब्याह में भी नियमों की धज्जियां उड़ती है. कई बार कार्रवाई भी होती है. लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि कानून ही गलत है.
अब जरा दूसरे राज्यों का हाल जान लें,
- बिहार : सरस्वती पूजा, होली और रामनवमी जैसे पर्वों पर डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा है. आपत्तिजनक गीतों पर कार्रवाई करने का प्रावधान है.
- उत्तर प्रदेश : त्योहारों पर हाई-वॉल्यूम डीजे पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है. साथ ही धार्मिक स्थलों पर स्थायी शोर नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं.
- छत्तीसगढ़ : गणेश उत्सव और नवरात्रि-गरबा के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है, जिसमें रायपुर जैसे शहरों में जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है.
- कर्नाटक : गणेश चतुर्थी और ईद मिलाद जैसे पर्वों पर डीजे का उपयोग पूरे राज्य में प्रतिबंधित है, विशेष रूप से शिवमोग्गा जिले में.
- ओडिशा : गणेश पूजा और दुर्गा पूजा के दौरान डीजे पर प्रतिबंध है. भुवनेश्वर, कटक जैसे शहरों में यह लागू है. पारंपरिक वाद्य यंत्रों को प्रोत्साहन दिया जाता है.
- महाराष्ट्र : गणेश उत्सव के दौरान डीजे पर प्रतिबंध, विशेष रूप से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक. छत्रपति संभाजीनगर में उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाता है.
- तेलंगाना : हैदराबाद में धार्मिक जुलूसों के दौरान डीजे साउंड सिस्टम और पटाखों पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
अब सवाल उठता है कि जब देश के अधिकांश राज्यों (भाजपा शासित भी) में डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, तो फिर झारखंड में भाजपा विधायकों का कलेजा क्यों फट रहा है? फिर झारखंड में ही हिंदुत्व कैसे खतरे में आ जा रहा है? यह समझना मुश्किल नहीं है! झारखंड में झामुमो-कांग्रेस की सरकार है. भाजपा पिछले दो बार से सत्ता से बाहर है. झारखंड भाजपा रामनवमी जैसे धार्मिक आयोजन के बहाने एक बड़े समूह को साधने की कोशिश करती है. दो दिन पहले विधानसभा में जो कुछ भी हुआ. जिस तरह भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने खुल कर हिंदुत्व की बात की, उससे भी यह साफ होता है कि यह मामला धार्मिक कम राजनीतिक ज्यादा है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Leave a Comment