पर सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, 100 से ज्यादा लैंडमाइन बरामद
यात्री ज्यादा, आमदनी कम
हर दिन एक ट्रिप में औसतन 150 यात्री हजारीबाग से कोडरमा रूट में चढ़ते हैं. इसके अलावा लोकल स्टेशनों के लिए भी यात्री सफर करते हैं. हजारीबाग से कोडरमा का किराया 40 रुपए है. ऐसे में कम से कम 6000 रुपए का बिजनेस होना चाहिए. लेकिन 3500-4000 रुपए तक ही आ पाते हैं. ऐसे में टिकट नहीं कटाकर यात्री रेलवे को राजस्व का चूना लगा रहे हैं.सघन चेकिंग अभियान की जरूरत
शहर के लोगों का कहना है कि बिजनेस नहीं बढ़ने के कारण इस रूट में ट्रेन नहीं बढ़ाई जा रही है. सरकार को लगता है कि हजारीबाग रेलवे स्टेशन से ज्यादा पैसेंजर नहीं निकलते हैं. ऐसे में सघन चेकिंग अभियान चलाने की जरूरत है. हजारीबाग रेलवे स्टेशन जब चालू हुआ था, तो जिलेवासियों के चेहरे पर खुशियां झलक रही थीं. जिस दिन ओपनिंग की गई थी, उस दिन शहर से हजारों की संख्या में लोग ट्रेन पर सवार होकर कोडरमा गए थे. उसके बाद हजारीबाग में भी रेलवे स्टेशन की खूब चर्चा हुई थी. लोग शौक से कोडरमा तक परिवार समेत सफर करते थे. धीरे-धीरे यह शौक खत्म हुआ, तो काम से जरूरतमंद यात्री ही बच गए. इनमें अधिकांश रेल से सफर तो करते हैं, लेकिन टिकट नहीं कटवाते हैं. इसे भी पढ़ें–असम">https://lagatar.in/fourth-madrasa-demolished-in-assam-allegations-of-running-anti-national-activities/">असममें चौथा मदरसा ढहाया गया, राष्ट्र विरोधी गतिविधियां चलाने का आरोप, स्थानीय लोगों ने मदरसे को जमींदोज कर दिया

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