Ranchi: राज्य सरकार जहरीली शराब के खतरों से निपटने के लिए देसी शराब पर वैट कम करने की योजना बना रही है. इससे अवैध तरीके से बनी महुआ की शराब की कीमत और डिसटिलरी में बनने वाली देसी शराब की कीमत लगभग बराबर हो जायेगी. राज्य में फिलहाल विदेशी शराब पर 75 प्रतिशत और देसी शराब पर 45 प्रतिशत की दर से वैट लगता है. सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए विदेशी शराब पर वैट 75 से घटा कर पांच प्रतिशत करने की तैयारी कर रही है. साथ ही देसी शराब की कीमत 10-30 रुपये तक कम करने की योजना बना रही है. राज्य में फिलहाल 300 एमएल(60डिग्री) देसी शराब की कीमत 55 रुपये है. 300 एमएल(60डिग्री) की देसी शराब पर 20 रुपये कम करने की योजना है. इसी तरह 200 एमएल(60डिग्री) की देसी शराब पर 10 रुपये कम करने की योजना है. इससे 200 एमएल(60 डिग्री) देसी शराब की कीमत 55 रुपये से गिर कर 30 रुपये हो जायेगी. 600 एमलए(75डिग्री) देसी शराब की कीमत 30 रुपये कम करने की योजना है. इससे 600 एमएल(75डिग्री) देसी शराब की कीमत 70 रुपये से गिर कर 40 रुपये होगी. 600 एमएल(25डिग्री) देसी शराब की कीमत 150 रुपये है. इसकी कीमत भी गिर कर 120 रुपये हो जायेगी. सरकार का मानना है कि राज्य में देसी शराब की बिक्री को अवैध तरीके से बनी महुआ की शराब प्रभावित करती है. क्योंकि अवैध तरीके से बनी महुआ की शराब देसी से सस्ती होती है. अवैध तरीके से बनी महुआ की जहरीली शराब पीने से राज्य की राजधानी की हातमा बस्ती के अलावा पलामू सहित कुछ अन्य जिलों में कई लोगों की मौत हो चुकी है. सरकार जहरीली शराब के खतरों से निपटने के लिए देसी शराब की कीमत कम करना चाहती है, ताकि महुआ से बनी शराब पीने वाले लोगों की पहुंच देसी शराब तक हो सके. इसे भी पढ़ें -सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-courts-historic-decision-presidents-actions-are-subject-to-judicial-review-deadline-set-for-decision-on-bills/">सुप्रीम
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, राष्ट्रपति के कार्य न्यायिक समीक्षा के अधीन, विधेयकों पर निर्णय के लिए तय कर दी डेडलाइन
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, राष्ट्रपति के कार्य न्यायिक समीक्षा के अधीन, विधेयकों पर निर्णय के लिए तय कर दी डेडलाइन
Leave a Comment