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बरही अनुमंडल अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा, उपकरण की भी भारी कमी

गौरव प्रकाश Hazaribag : पूरे राज्य भर में इन दिनों डॉक्टरों की घोर कमी है. कई अस्पताल हैं जहां स्वीकृत पद से कम चिकित्सक सेवा दे रहे हैं. उन्हीं में से एक है हजारीबाग का बरही अनुमंडलीय अस्पताल, जहां डॉक्टर व चिकित्सक उपकरण की भारी कमी है. इस कारण यहां की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. डॉक्टर की कमी होने के कारण ग्रामीणों को 40 किलोमीटर दूर हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल इलाज कराने के लिए आना पड़ रहा है. इस कारण हजारीबाग अस्पताल में भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. बरही अनुमंडलीय अस्पताल में 14 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं. लेकिन यहां सिर्फ छह डॉक्टर ही तैनात हैं. इनमें एक डॉक्टर को हजारीबाग जेल में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. अस्पताल में एक भी सर्जन नहीं है. इसके अलावा शिशु रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, आंख के डॉक्टर, दांत के डॉक्टर भी अस्पताल में नहीं हैं. अस्पताल की आपातकालीन सेवा की स्थिति और भी अधिक बदतर है. अगर कोई मरीज इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचता है, तो ओपीडी के डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड में जाकर मरीज का इलाज करते हैं. ऐसे में डॉक्टर को पहुंचने में समय लग जाता है और मरीज भी परेशान रहते हैं. कभी-कभी स्थिति ऐसी हो जाती है कि ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रहती है और उसी बीच इमरजेंसी मरीज पहुंच जाते हैं.  इसे भी पढ़ें- एफबीआई">https://lagatar.in/fbi-reveals-cases-of-espionage-on-us-soil-increase-chinese-spy-equipment-can-fail-atomic-bombs/">एफबीआई

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जासूसी उपकरण
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नहीं है अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था

इलाज को लेकर मरीज के परिजन और डॉक्टरों के बीच में कहासुनी भी हो जाती है. इसका एकमात्र कारण डॉक्टरों की कमी बतायी जाती है. यही नहीं अस्पताल के 16 उप केंद्र हैं. यहां भी डॉक्टरों की घोर कमी है. इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों की कमी भी बरही अनुमंडल क्षेत्र झेल रहा है. बरही अनुमंडल अस्पताल में सिर्फ डॉक्टर और नर्स की कमी नहीं है बल्कि उपकरण की भी कमी है. अल्ट्रासाउंड यहां नहीं होता है. इससे गरीब मरीजों को शहर आने की जरूरत पड़ती है या फिर प्राइवेट संस्थान की ओर इन्हें रुख करना पड़ता है. दंत चिकित्सक नहीं होने के कारण उपकरण अब यहां धूल फांक रहे. कोविड-19 के दौरान भी डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल प्रभावित रहा. हजारीबाग का बरही सबसे बड़ा अनुमंडल है, जहां बड़ी आबादी मूलभूत चिकित्सक सुविधा के लिए जूझ रहा है.सांसद ने भी जताया अफसोस, राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेवार हाल के दिनों में हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा ने बरही अनुमंडलीय अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया. पेटीएम की मदद से ऑक्सीजन प्लांट अस्पताल में स्थापित किया गया. इस दौरान सांसद जयंत सिन्हा ने भी इस बात को लेकर दुख जाहिर किया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है. आम जनता को चिकित्सकीय लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ही जिम्मेवार है. राज्य सरकार को तत्काल पूरे राज्य भर में चिकित्सकों की कमी को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने की जरूरत है.  इसे भी पढ़ें- चांडिल">https://lagatar.in/chandil-chief-justice-of-india-inaugurated-chandil-sub-divisional-court/">चांडिल

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अधिकारियों को लिखा गया है पत्र

अस्पताल के डॉ प्रकाश ज्ञानी ने बताया कि पद के अनुरूप डॉक्टरों की पोस्टिंग व आवश्यक चिकित्सीय उपकरण के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है. जब तक उपलब्ध नहीं हो जाता है, तब तक मौजूदा संसाधनों से ही काम चलाना पड़ रहा है. बरही अनुमंडल का चौपारण दुर्घटना जोन के रूप में पूरे राज्य भर में जाना जाता है. यहां आए दिन सड़क दुर्घटना होती है. इसमें कई लोगों की मौत हो जाती है, तो कई लोग चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने के कारण भी मर जाते हैं. पूरा इलाके को देखा जाए, तो यहां से फोरलेन गुजरती है. ऐसे में सड़क दुर्घटना होने पर मरीज काफी परेशान हो जाते हैं. दूसरी ओर हजारीबाग का सबसे बड़ा अनुमंडल क्षेत्र होने के कारण यहां की आबादी भी अधिक है जरूरत है सरकार को चिकित्सक उपलब्ध कराने की.  [wpse_comments_template]

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