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सियासत में पिता, ससुर और पति की विरासत बचाने की हो रही जद्दोजहद

Ranchi: झारखंड में विधानसभा के दूसरे चरण के चुनाव में विरासत की सियासत का मुकाबला है. एक दर्जन से अधिक सीटों पर पिता और पति की सियासी विरासत को बचाए रखने की लड़ाई है. इन सीटों पर दिलचस्प मुकाबला भी है. सभी से सियासी विरासत को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. अब जनता ने इसपर फैसला सुना दिया है. 23 नवंबर को जनता का फैसला सामने आ जाएगा. इसे भी पढ़ें -महाराष्ट्र">https://lagatar.in/cryptocurrency-scam-of-supriya-sule-nana-patole-amid-maharashtra-elections-bjp-became-the-attacker/">महाराष्ट्र

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ये संभालने में लगे हैं पिता की सियासी विरासत

कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी जामताड़ा से पिता की विरासत को बचाने के लिए चुनावी अखाड़े में हैं. वे इस सीट से दो बार जीत हासिल कर चुके हैं. उनके पिता फुरकान अंसारी सांसद रह चुके हैं. वहीं अमित मंडल गोड्डा से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. उनके पिता रघुनाथ मंडल इस सीट से विधायक थे. पूर्व विधायक टेकलाल महतो के पुत्र जेपी पटेल मांडू सीट से सियासी विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला आजसू के तिवारी महतो से है. इसी तरह पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र हफीजुल हसन, झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन बरहेट से और बसंत सोरेन दुमका से सियासी विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. शिकारी पाड़ा से सांसद नलिन सोरेन के पुत्र आलोक सोरेन, निरसा से पूर्व विधायक गुरुदास चटर्जी के पुत्र अरूप चटर्जी, बगोदर से महेंद्र सिंह के पुत्र विनोद सिंह, बेरमो से पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह के पुत्र अनुप सिंह, जुमआ से पूर्व विधायक सुकर रविदास की बेटी मंजू देवी सियासी विरासत को बचाने की जद्दोजहद कर रही हैं.

पति की विरासत को संभालने की कवायद

निरसा सीट ने अपर्णा सेन गुप्ता अपने पति सुब्रत सेन गुप्ता की सियासी विरासत को संभालने में लगी हैं. रामगढ़ से गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी पति की सियासी विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रही है. वहीं पाकुड़ में कांग्रेस ने हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री रहे और फिलहाल जेल में बंद आलमगीर आलम की पत्नी निशात आलम को प्रत्याशी बनाया है. उनका मुकाबला आजसू पार्टी के अजहर इस्लाम से है. गांडेय से कल्पना सोरेन पति की विरासत को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. इसके अलावा झरिया से बीजेपी की उम्मीदवार रागिनी सिंह और कांग्रेस की उम्मीदवार पूर्णिमा सिंह, बीमार चल रहे विधायक इंद्रजीत महतो की पत्नी तारा देवी के साथ पूर्व मंत्री जगन्नाथ महतो की पत्नी बेबी देवी भी पति की सियासी विरासत को बचाने के लिए चुनावी अखाड़े में हैं.

ससुर की विरासत को संभालने की कोशिश

बोकारो में कांग्रेस ने श्वेता सिंह पर भरोसा जताया है. श्वेता सिंह पूर्व विधायक समरेश सिंह की बहु हैं. उनका मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार बिरंची नारायण से हैं. वहीं महागामा में कांग्रेस की प्रत्याशी और हेमंत सरकार में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के ससुर अवध बिहारी सिंह पूर्व में इस क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इस बार दीपिका का मुकाबला भाजपा के अशोक भगत से है. दीपिका भी अपने ससुर की सियासी विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं. इसे भी पढ़ें -निशिकांत">https://lagatar.in/nishikants-tweet-polling-officer-working-for-jmm-arrested-in-madhupur/">निशिकांत

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