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बिजली के लिए हाहाकार, आपूर्ति सिस्टम अफसरों के कंट्रोल से हुआ बाहर

Kaushal Anand Ranchi :  पूरे सूबे में प्रचंड गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है. आसमान से आग बरस रही है. ऊपर से अनचाहे बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. रांची सहित पूरे राज्य में भयंकर बिजली कटौती और पावर कट का सिलसिला जारी है. हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजधानी रांची में कब बिजली रहेगी, कब कट जायेगी, यह कहा नहीं जा सकता है. गर्मी का साइड इफेक्ट का सबसे बड़ा असर देशभर में पानी आधारित हाईडल पावर प्रोजेक्ट पर पड़ा है. पानी आधारित नेशनल हाईडल पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) से बिजली उत्पादन में कमी आयी है. इसका कारण नदी और अन्य सरफेस वाटर श्रोत में पानी की कमी हो जाना है. इसका असर झारखंड में भी पड़ रहा है. एनएचपीसी से झारखंड को करीब 1 हजार मेगावट तक बिजली मिलती है. मगर अभी झारखंड को 300 से 350 मेगावाट तक बिजली कम मिल रही है. इसके अतिरिक्त अन्य श्रोत से 50 से 100 मेगावाट तक बिजली की कमी दर्ज की जा रही है. पूरे स्टेट में करीब 400 मेगावाट बिजली की कमी दर्ज की जा रही है. इसके कारण रांची सहित पूरे राज्य में जमकर बिजली कटौती की जा रही है.

पीटीसी से 10 रूपए यूनिट मंहगे दर पर बिजली खरीदने की तैयारी

हालात की गंभीरता को देखते हुए अब जेबीवीएनएल पीटीसी (पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन) से बिजली लेने की तैयारी कर रहा है. अगर दो दिनों के अंदर मौसम सामान्य नहीं हुआ तो जेबीवीएनएल 10 रूपए प्रति यूनिट महंगे दर पर बिजली खरीदकर हालात को सामान्य करने की तैयारी में है. औसतन जेबीवीएनएल पांच से छह रूपए प्रति यूनिट बिजली खरीदती है.

बकाए के कारण DVC भी संभाल नहीं पा रहा अपना कमांड एरिया

हमेशा बकाये के बोझ तले दबे होने के कारण डीवीसी अपने कमांड एरिया को संभाल नहीं पा रहा है. धनबाद, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग में डीवीसी ढाई सौ मेगावट की बिजली कटौती कर रहा है. इसके कारण कमांड एरिया में छह से सात घंटे तक पावर कट हो रहा है. ऊपर से लोकल फॉल्ट ने समस्या और बढ़ा दी है. डीवीसी अपने कमांड एरिया में करीब 800 मेगावाट बिजली आपूर्ति करता है, मगर फिलहाल ढाई सौ मेगावाट तक की कमी दर्ज की जा रही है. इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है.

2500 मेगावाट तक पहुंच गया है बिजली डिमांड

सामान्य दिनों में झारखंड की बिजली खपत 1900 से 2000 मेगवाट तक रहती है. मगर अभी पीक गर्मी में डिमांड बढ़कर यह 2500 मेगावाट तक बढ़ गयी है. ऊपर से बिजली की कमी. ऐसे में राज्य में बिजली संकट बढ़ गया है. हालात से निपटने के लिए जेबीवीएनएल तैयारी में जुट गया है. एक से दो दिनों के अंदर अतिरिक्त बिजली खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है. पीटीसी से वार्ता जारी है. हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त बिजली की खरीदी की जाएगी.

रांची बिजली आपूर्ति सिस्टम अफसरों के कंट्रोल से हुआ बाहर

रांची में बिजली आपूर्ति सिस्टम बिजली अफसरों के कंट्रोल से बाहर हो चुका है. लोकल फॉल्ट ने पावर की समस्या बहुत अधिक बढ़ा दी है. कब बिजली रहेगी, कब जाएगी. इसका अता-पता नहीं. सुबह से जो पावर कट का सिलसिला शुरू होता है वह देर रात तक जारी रहता है. किसी भी सबस्टेशन या लोकल सेक्टर कार्यालय में रात में न कोई भी इंजीनियर मौजूद होता है न ही ऑपरेशन-मेंटेनेंस गैंग. सबस्टेशन के जरिए ही पूरी व्यवस्था संचालित हो रही है. रात में अगर पावर कट हुआ तो ठीक होगा या नहीं, रात को बिजली आएगी या नहीं, इसकी गांरटी कोई नहीं दे सकता है. जबकि बिजली अफसरों का साफ निर्देश है कि रोटेशन के तहत रात में सभी सबस्टेशन में जेई और ऑपरेशन-मेटेनेंस गैंग तैनात रहेंगे, ताकि खराबी या विपरित परिस्थिति में वे मूव कर सकें. सबस्टेशन में तैनात कर्मी ही लाइन मैन को फोन करके खराबी की सूचना देते हैं और शट डाऊन देते हैं.

बीते 24 घंटे में कहां रहा पावर कट

-बीती रात को मधुकम फीडर के तहत मिलन चौक में तार गिर गया. इसके कारण पावर कट होता रहा. इसके अतिरिक्त सुबह से लेकर शाम तक छोटे-छोटे लोकल फॉल्ट के कारण बिजली आती-जाती रही. -कोकर चूना भठ्ठा इलाके में रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक पावर कट रहा. जानकारी के अनुसार, बड़ा लोकल फॉल्ट हुआ था. -दीपा टोली इलाके में भी सुबह से पावर आने-जाने का सिलसिला जारी रहा. -रातू रोड रवि स्टील एरिया में सुबह 9 बजे से पावर कटा रहा. -कतारी बगान चुटिया में बीती रात एक से दो घंटे बिजली नहीं रही. -दीपा टोली सुरेंद्र नाथ स्कूल के पीछे वाले मुहल्ले में पावर कट रातभर जारी रहा. -अशोक विहार इलाके में पावर कट बीती रात जारी रहा -बरियातू चेशायर होम रोड में बीते शाम से ही देर रात तक बिजली आती-जाती रही.

रांची को मिल रही बिजली की स्थिति

हटिया ग्रिड फूल लोड : 260-265 मेगावाट, उपलब्धता : 250-255 के करीब नामकुम ग्रिड फुल लोड : 110-120 मेगावाट, उपलब्ध : 90-100 मेगावाट कांके ग्रिड फुल लोड : 60-80 मेगावाट, उपलब्ध : 70 मेगावाट बुढ़मू ग्रिड फुल लोड : 28-30 मेगावाट, उपलब्ध : 25 मेगावाट रांची में बिजली डिमांड : 350 से 400 गर्मी में खपत बढ़ी : 35 से 40 मेगावाट [wpse_comments_template]

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