Vinit Abha Upadhyay Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में दिये अपने एक फैसले में कहा कि नाबालिग की सहमति से भी यौन संबंध बनाने वाले को दोष से बरी नहीं किया जा सकता. दरअसल खूंटी सिविल कोर्ट ने सचिंद्र सिंह को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में 9 फरवरी 2021 को दोषी करार दिया था. सचिंद्र सिंह ने खूंटी सिविल कोर्ट के फैसले को क्रिमिनल अपील दाखिल कर चुनौती दी थी. जिसपर हाईकोर्ट ने न्यायाधीश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने बचाव पक्ष और राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि “विचारणीय बात यह है कि क्या पीड़ित की सहमति ने अपराध को नकार दिया है? बलात्कार के मामले में नाबालिग लड़की की सहमति कोई मायने नहीं रखती. घटना के समय यानी वर्ष 2005 में जब बलात्कार किया, उस वक्त सहमति की उम्र सोलह वर्ष और उससे अधिक थी. वर्ष 2013 में किये गये एक संशोधन के जरिये ही इसे बढ़ाकर अठारह वर्ष किया गया है.
नाबालिग की सहमति शारीरिक संबंध बनाने वाले को दोषमुक्त करने का आधार नहीं : झारखंड HC
Last Updated: Mar 20, 2024 12:00 AM (IST)